प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूक्रेन दौरे पर दुनिया की नजरें टिकी थीं। इस मुलाकात के दौरान कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं, जिनमें सबसे प्रमुख यह रही कि पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत युद्ध के समर्थन में नहीं है और वह बातचीत के जरिए शांति का पक्षधर है। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि भारत हमेशा शांति का समर्थन करता है। वहीं, इस मुलाकात के दौरान यूक्रेन और भारत के बीच चार बड़े समझौतों पर भी सहमति बनी, जिनमें मेडिकल फील्ड, एग्रीकल्चर कोऑपरेशन, ह्यूमनिटेरियन रिलेशन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने खुद इन समझौतों की जानकारी देते हुए कहा कि आज इतिहास बना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन जाने से पहले ही संकेत दिए थे कि अब जंग का समय नहीं है, और वे एक दोस्त की तरह समझाने के लिए पहुंचे थे कि समाधान का समय आ गया है। मोदी ने जेलेंस्की के साथ गर्मजोशी से मुलाकात की, उनके कंधे पर हाथ रखकर बातचीत की और उनकी सभी बातें ध्यान से सुनीं। जेलेंस्की जानते थे कि मोदी के माध्यम से उनके संदेश पुतिन तक पहुंच सकते हैं, इसलिए उन्होंने तीन घंटे की मुलाकात में अपनी पूरी बात साझा की।
इस बीच, यूक्रेन की नेता यूलिया क्लेमेनको का एक बयान आया, जिसे सुनकर पुतिन खुश हो जाएंगे। यूलिया ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वे अब भारत और विदेश में बहुत शक्तिशाली नेता बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि मोदी ग्लोबल साउथ का चेहरा बन गए हैं और वे पुतिन को युद्ध रोकने के लिए मना सकते हैं। यूलिया का यह बयान बताता है कि यूक्रेन, मोदी के प्रभाव और उनके शांति प्रयासों को गंभीरता से ले रहा है।