नई दिल्ली,(नेशनल थॉट्स ) : अब से, पोस्ट-ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे छात्रों को मिलेगी एक नई सुविधा। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) ने घोषित किया है कि अब छात्र पोस्ट-ग्रेजुएट प्रोग्राम को एक साल, दो साल, या पांच साल में इंटीग्रेटेड प्रोग्राम के रूप में चुन सकते हैं। इससे छात्रों को मास्टर्स की पढ़ाई करने में और भी विशेषता मिलेगी, चाहे उनका सब्जेक्ट ग्रेजुएशन के दौरान माइनर हो या मेजर।अब स्टूडेंट्स 1 साल के कोर्स के बाद PG डिप्लोमा लेकर पूरी तैयारी कर सकते हैं। इसके बाद, जो भी सब्जेक्ट छात्रों ने ग्रेजुएशन में नहीं पढ़ा है, वह सब्जेक्ट के साथ भी PG में पढ़ाई कर सकते हैं, बस उन्हें CUET PG परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करना होगा। इस नए फ्रेमवर्क के अनुसार, स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई के लिए ऑफलाइन, ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड का चयन कर सकते हैं।इस नए फ्रेमवर्क के अनुसार, स्टूडेंट्स दो फुल-टाइम एकेडमिक प्रोग्राम्स को एक साथ कर सकते हैं, जब तक उनकी क्लासें एक दूसरे के साथ नहीं होतीं हैं।