शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिवसेना के यूबीटी गुट को नष्ट नहीं किया जा सकता। उन्होंने शिवसेना को केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचारधारा और धरती सपूतों का प्रतीक बताया।
यह बयान उन्होंने अपने पिता बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी समारोह के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा शिवसेना को खत्म करने के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे।
“शिवसेना पार्टी नहीं, एक विचारधारा है”
उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में कहा—“अगर भाजपा सोचती है कि वह शिवसेना को खत्म कर देगी, तो यह उसकी गलतफहमी है।शिवसेना कोई पार्टी नहीं है, शिवसेना एक विचारधारा है।यह धरती सपूतों की चिंगारी है और शोषितों के दिलों में जलती मशाल है।इसे आप बुझा नहीं सकते, कभी नहीं बुझा सकते।”
बीएमसी चुनाव के बाद आया बयान
उद्धव ठाकरे का यह बयान महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में भाजपा और उसके महायुति गठबंधन की बड़ी जीत के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है।
इस चुनाव परिणाम ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है।
बीएमसी चुनाव परिणाम: सत्ता में बड़ा उलटफेर
महायुति का दबदबा
29 में से 25 नगर निगमों पर कब्जा
बीएमसी में 118 सीटें, बहुमत पार
भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी
भाजपा: 89 सीटें
शिवसेना (एकनाथ शिंदे): 29 सीटें
विपक्ष की स्थिति
शिवसेना (यूबीटी): 65 सीटें, विपक्ष का नेतृत्व
कांग्रेस: 24 सीटें
AIMIM: मुंबई में 8 सीटें, राज्यभर में 114 सीटें
MNS: 6 सीटें
वोट शेयर का हाल
शिवसेना (यूबीटी): 7,17,736 वोट, वोट शेयर 13.13%
MNS: 74,946 वोट, वोट शेयर 1.37%
करीब तीन दशक बाद बीएमसी से ठाकरे परिवार का वर्चस्व खत्म हुआ है, लेकिन उद्धव ठाकरे के इस बयान से साफ है कि राजनीतिक संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।