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ट्विशा शर्मा केस: पति समर्थ सिंह हिरासत में, AIIMS टीम करेगी दोबारा पोस्टमॉर्टम

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ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। करीब 10 दिनों तक फरार रहने के बाद उनके पति Samarth Singh ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर की जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

यह घटनाक्रम तब सामने आया जब समर्थ के वकील ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को बताया कि वह आत्मसमर्पण के लिए तैयार हैं, बशर्ते उनकी जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई की जाए।

हाईकोर्ट में क्या हुआ?

समर्थ सिंह के वकील मृंगेंद्र सिंह ने अदालत में कहा कि यदि आत्मसमर्पण की अनुमति दी जाती है तो वे अग्रिम जमानत याचिका वापस लेने को तैयार हैं।

हालांकि, सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने इसका विरोध किया, लेकिन अदालत ने कहा कि आत्मसमर्पण की प्रक्रिया का विरोध नहीं किया जाना चाहिए।

AIIMS की टीम करेगी दूसरा पोस्टमार्टम

मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है। अदालत ने निर्देश दिया कि यह पोस्टमार्टम दिल्ली स्थित All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) के डॉक्टरों की टीम द्वारा किया जाए।

कोर्ट ने कहा कि पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की टीम भोपाल भेजी जाएगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दूसरे पोस्टमार्टम का उद्देश्य किसी पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि सभी पक्षों का विश्वास मजबूत करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट या संबंधित डॉक्टर की क्षमता पर कोई संदेह नहीं है।

समर्थ पक्ष ने भी नहीं जताई आपत्ति

समर्थ सिंह के वकील ने अदालत को बताया कि उन्हें दूसरे पोस्टमार्टम पर कोई आपत्ति नहीं है। समर्थ ने यह भी कहा कि ट्विशा का शव उनके मायके पक्ष को सौंप दिया जाना चाहिए।

परिवार ने ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

ट्विशा शर्मा के परिवार ने उनकी मौत के लिए ससुराल वालों को जिम्मेदार ठहराया है। परिवार का आरोप है कि ट्विशा की हत्या की गई है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

दूसरी ओर, ट्विशा की सास Giribala Singh ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि 33 वर्षीय ट्विशा नशे की लत से जूझ रही थीं।

गिरिबाला सिंह, जो भोपाल उपभोक्ता न्यायालय की अध्यक्ष भी हैं, को एफआईआर में नामजद किए जाने के बाद पिछले सप्ताह अग्रिम जमानत मिल चुकी है।

CBI जांच की सिफारिश

मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश की है। ट्विशा के परिवार ने इस फैसले का स्वागत किया है।

ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने कहा कि परिवार न्याय के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह मामला बड़ा भी है और लंबा भी चल सकता है।

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