विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कहा कि मौजूदा दौर में राजनीति तेजी से अर्थव्यवस्था पर हावी होती जा रही है। वे आईआईएम-कलकत्ता में ‘डॉक्टरेट’ की मानद उपाधि प्राप्त करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट कहा—यह समय मज़ाक का नहीं, बल्कि गंभीर geopolitical बदलावों का है।
चीन के रुख पर टिप्पणी
जयशंकर ने कहा कि चीन लंबे समय से अपने नियमों के अनुसार काम करता आया है और आज भी उसी नीति पर चल रहा है। ऐसी स्थिति में दुनिया के कई देश दुविधा में हैं कि उन्हें प्रतिस्पर्धा पर ध्यान देना चाहिए या सौदेबाजी पर।
वैश्विक दबाव और चुनौतियाँ
उन्होंने बताया कि दुनिया आज वैश्वीकरण में आए बदलाव, विखंडन, आपूर्ति शृंखला की कमी और बढ़ते आर्थिक तनावों का सामना कर रही है। इसी कारण कई देश अचानक उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और जोखिमों से बचने के लिए नए ढांचे तैयार कर रहे हैं।
भारत की रणनीति: आत्मनिर्भरता और विकास
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत सक्रिय रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने पर काम हो रहा है।
आधारभूत ढाँचे के विस्तार में तेज़ी आई है।
विज्ञान और शोध के क्षेत्र में भी भारत उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।
भारत बदलते वैश्विक परिदृश्य में स्वयं को मज़बूत और सक्षम बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।