मंगलवार सुबह तिब्बत क्षेत्र में आए छह भूकंपों में 53 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से एक भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.1 मापी गई। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, भूकंप से 38 अन्य लोग घायल हो गए हैं। इस भूकंप के झटके भारत, नेपाल और भूटान के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए।
भूकंप का केंद्र और भूवैज्ञानिक विश्लेषण
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, 7.1 तीव्रता का भूकंप तिब्बत में 10 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित था। चीन ने इसकी तीव्रता 6.8 दर्ज की। भूकंप का केंद्र उस क्षेत्र में था जहां भारत और यूरेशिया की प्लेटें आपस में टकराती हैं। यह भूगर्भीय गतिविधि हिमालय की ऊंचाई और संरचना को भी प्रभावित कर सकती है।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर पहला झटका
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, सुबह 6:35 बजे पहला भूकंप नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ज़िज़ांग में आया। इसकी तीव्रता 7.1 मानी गई, जो गंभीर क्षति पहुंचाने में सक्षम होती है।
काठमांडू में भी महसूस हुए झटके
काठमांडू में मंगलवार सुबह 6:50 बजे जोरदार झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप माप केंद्र ने इसे रिक्टर पैमाने पर 7.1 तीव्रता का दर्ज किया।
ऊंचाई और भौगोलिक स्थिति
चीनी राज्य प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, भूकंप के केंद्र के आसपास का क्षेत्र औसतन 4,200 मीटर (13,800 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में कठिनाई हो सकती है।
तिब्बत में आए इस भूकंप ने व्यापक क्षति पहुंचाई है और मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है।