प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी फ्रांस यात्रा के दौरान 14वें ‘भारत-फ्रांस सीईओ फोरम’ में शामिल हुए, जहां उन्होंने फ्रांसीसी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया। इस कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद थे। मोदी ने फ्रांस की कंपनियों से भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने और अपार संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
भारत: वैश्विक निवेश का पसंदीदा गंतव्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज स्थिर राजनीति और पूर्वानुमानित नीतिगत ढांचे के साथ एक आकर्षक निवेश स्थल बन चुका है। उन्होंने कहा, “भारत आने का यह सही समय है। हर किसी की प्रगति भारत की प्रगति से जुड़ी हुई है।”
मोदी ने विमानन क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर विमान खरीदने के बाद अब भारत में 120 नए हवाई अड्डे खोले जा रहे हैं, जो इस क्षेत्र में अपार संभावनाओं को दर्शाता है।
भारत-फ्रांस सहयोग से होगा वैश्विक परिवर्तन
फ्रांसीसी उद्योग जगत को भारत की विकास यात्रा में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“जब फ्रांस की कुशलता और भारत का सहयोग एक साथ मिलेंगे, जब भारत की गति और फ्रांस की सटीकता एक साथ आएगी, जब फ्रांस की तकनीक और भारत की प्रतिभा एक साथ आएगी… तब न केवल व्यापार परिदृश्य बदलेगा बल्कि वैश्विक परिवर्तन भी होगा।”
आर्थिक सुधार और वैश्विक सहयोग
मोदी ने बताया कि भारत विविधीकरण और जोखिम प्रबंधन का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि भारत-फ्रांस की मित्रता सिर्फ लोकतांत्रिक मूल्यों पर ही आधारित नहीं है, बल्कि यह गहरे विश्वास, नवाचार और जनकल्याण की भावना से भी जुड़ी हुई है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि उनकी पिछली यात्रा के दौरान दोनों देशों ने ‘2047 रोडमैप’ की रूपरेखा तैयार की थी, जिसके तहत हर क्षेत्र में व्यापक सहयोग हो रहा है।
भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और तेजी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रतिभाशाली युवा, नवाचार और मजबूत नीतिगत ढांचा इसे वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं।
प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग और निवेश
मोदी ने एयरोस्पेस, रक्षा, बंदरगाह, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेयरी, रसायन, उपभोक्ता वस्तुओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया, जहां भारत-फ्रांस सहयोग पहले से ही जारी है।
सीईओ फोरम और व्यापारिक सहयोग
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-फ्रांस सीईओ फोरम में दोनों देशों के उद्योग जगत के शीर्ष सीईओ ने भाग लिया। इस दौरान रक्षा, एयरोस्पेस, बुनियादी ढांचे, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, जीवन विज्ञान, और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी का सोशल मीडिया संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत-फ्रांस सीईओ फोरम आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। व्यापारिक नेताओं के सहयोग से नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे विकास और निवेश को बल मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित होगा।”
फ्रांस के मंत्रियों की भागीदारी
इस फोरम में फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन नोएल बैरो और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त एवं औद्योगिक तथा डिजिटल संप्रभुता मंत्री एरिक लोम्बार्ड ने भी भाग लिया। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस कार्यक्रम को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के बाद वह अमेरिका के लिए रवाना होंगे, जहां वे विभिन्न उच्च स्तरीय बैठकों में भाग लेंगे।