“फूलों से सजा दरबार, गजानन आ जाना” एक भक्तिमय गणेश भजन है, जो भगवान गणेश की स्तुति और उन्हें अपने घर-आंगन में आमंत्रित करने की भावना को व्यक्त करता है। इस भजन को आप पूजा, आरती या गणेश उत्सव के दौरान गा या सुन सकते हैं।
गणेश जी का भजन
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना
आ जाना महाराज गजानन आ जाना
घर के अंदर भवन बनाया
आओ विराजो महाराज गजानन आ जाना
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना
पूजा की तैयारी
हाथ में लोटा गंगाजल पानी
चरण धुलाऊं महाराज गजानन आ जाना
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना
चुन-चुन कलियां मैं फूल ले आई
सोना बनाया मैं हार गजानन आ जाना
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना
श्रृंगार और तिलक
हाथ कटोरी केसर रोली
तिलक लगाऊं महाराज गजानन आ जाना
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना
भोग और प्रसाद
मोदक का मैंने भोग बनाया
लड्डुओं के भर थाल गजानन आ जाना
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना
आरती और प्रार्थना
हाथ में ज्योति जगमग होती
आरती उतारूं महाराज गजानन आ जाना
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना
सब भक्तों की एक अर्ज है
दर्शन दो महाराज गजानन आ जाना
फूलों से सजाया दरबार गजानन आ जाना
इस भजन में भक्त भगवान गणेश को प्रेम और श्रद्धा से अपने घर आमंत्रित करता है, उनके स्वागत में दरबार सजाता है, भोग लगाता है और अंत में उनके दर्शन की प्रार्थना करता है।