बिहार में विपक्ष के नेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को कहा कि वह नई राजनीति करने आए हैं। उन्होंने जाति और धर्म से ऊपर उठकर केवल विकास की राजनीति करने की बात दोहराई। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले अपनी रैलियों की तस्वीरें साझा करते हुए तेजस्वी ने कहा कि वह “विकास, सुधार, समृद्धि और उद्योग” की राजनीति के लिए मैदान में हैं।
विकास को राजनीति का केंद्र बनाने की अपील
तेजस्वी ने कहा, “मैं नई राजनीति करने आया हूँ। जहाँ जाति और धर्म की बात न हो, बल्कि हर क्षेत्र में विकास, सुधार, समृद्धि और उद्योग की बात हो। बिहार में प्रति व्यक्ति आय और निवेश बढ़ाने पर चर्चा हो। जहाँ सकारात्मकता, रचनात्मकता और प्रगतिशीलता राजनीति का आधार बनें।”
युवाओं और किसानों की लड़ाई
राजद नेता ने दावा किया कि बिहार की मौजूदा राजनीतिक लड़ाई युवाओं और किसानों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने लिखा—
“यह किसान के पसीने, मज़दूर की मेहनत और बेरोज़गार युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। यह करो या मरो की लड़ाई है, और मैं तब तक चैन से नहीं बैठूँगा जब तक बिहार को जीत नहीं दिला देता।”
नीतीश कुमार पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि सीएम बिहार के युवाओं की आकांक्षाओं से कट चुके हैं। वह सेवानिवृत्त अधिकारियों और थके हुए नेताओं से घिरे हुए हैं, इसलिए युवाओं और छात्रों की समस्याओं को समझ ही नहीं पा रहे।
महागठबंधन बनाम एनडीए
तेजस्वी ने कहा कि बिहार के युवा बदलाव, अधिकार और आर्थिक क्रांति के लिए एकजुट हो रहे हैं। कांग्रेस और राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन इस साल के अंत में होने वाले चुनावों में एनडीए (भाजपा और जेडीयू) को कड़ी चुनौती देगा।