पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थानीय सरकार और इस्लामाबाद के खिलाफ चल रहा जनआंदोलन अब गंभीर मानवीय संकट का रूप लेता नजर आ रहा है। क्षेत्र में जारी विरोध प्रदर्शनों, बंद और प्रशासनिक प्रतिबंधों के कारण आम लोगों को भोजन, ईंधन और जीवनरक्षक दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों, ट्रक चालकों और विपक्षी नेताओं का आरोप है कि पाकिस्तान प्रशासन इलाके पर दबाव बनाने के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा डाल रहा है। हालांकि पाकिस्तानी सरकार इन आरोपों से इनकार कर रही है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा विवाद PoK विधानसभा की उन 12 सीटों को लेकर शुरू हुआ, जो भारत से आए शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं। स्थानीय संगठनों का आरोप है कि इस्लामाबाद इन सीटों का उपयोग चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने और अपने अनुकूल सरकार बनाने के लिए करता है।
इसी मुद्दे को लेकर ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) के नेतृत्व में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। जवाब में पाकिस्तान सरकार ने JAAC को आतंकवादी संगठन घोषित कर उसके समर्थकों पर कार्रवाई तेज कर दी। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, झड़पों में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है।
जनजीवन पर पड़ा व्यापक असर
लगातार बंद, धरनों और विरोध प्रदर्शनों के कारण परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित हैं। सामानों की आवाजाही रुकने से आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता लगातार घट रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थिति सामान्य विरोध प्रदर्शन से आगे बढ़कर रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाले संकट में बदल चुकी है।
खाने-पीने की वस्तुओं और दवाओं की कमी
क्षेत्र के कई हिस्सों में खाद्य सामग्री और दवाओं की कमी की खबरें सामने आई हैं। कई स्थानों पर किराना दुकानें और मेडिकल स्टोर लंबे समय से बंद हैं, जिससे लोगों को आवश्यक सामान जुटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि राशन की उपलब्धता कम हो गई है और कई वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि देखने को मिल रही है। दूरदराज के इलाकों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण बताई जा रही है।
ईंधन संकट से बढ़ी मुश्किलें
PoK के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की कमी की शिकायतें सामने आई हैं। कई पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति प्रभावित होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में लोगों को ईंधन के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि कुछ जगहों पर ब्लैक मार्केट में ईंधन खरीदने की नौबत आ गई है।
सप्लाई चेन पर असर
विरोध प्रदर्शनों और सड़क अवरोधों के कारण आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। कई व्यापारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट बाधित होने के कारण नए स्टॉक की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि कुछ चेकपोस्टों पर आवश्यक सामान लेकर जाने वाले ट्रकों को रोका गया, जिससे खाद्य सामग्री, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और प्रभावित हुई।
लोगों को बाहर से सामान लाने में भी दिक्कत
कई स्थानीय निवासी आवश्यक सामान खरीदने के लिए पाकिस्तान के अन्य शहरों का रुख कर रहे हैं। हालांकि कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि वापसी के दौरान उन्हें खाद्य सामग्री, दवाएं और ईंधन लेकर आने में प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रक चालकों और स्थानीय व्यापारियों का भी कहना है कि कई स्थानों पर वाहनों की जांच और आवाजाही पर प्रतिबंधों के कारण सामान समय पर नहीं पहुंच पा रहा।
प्रशासन ने आरोपों को किया खारिज
पाकिस्तानी अधिकारियों ने आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई रोकने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रशासन का कहना है कि खाद्य सामग्री, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और किसी भी वाहन को जानबूझकर नहीं रोका जा रहा।
हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में ऐसे दावे भी सामने आए हैं कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए प्रदर्शन स्थलों तक पहुंचने वाली आपूर्ति को सीमित करने की रणनीति पर विचार किया गया था।
आंदोलन लगातार हो रहा मजबूत
विवाद और प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद JAAC के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन लगातार विस्तार पा रहा है। रावलकोट सहित कई शहरों और कस्बों में बड़े पैमाने पर धरने और प्रदर्शन जारी हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताह में हजारों लोग आंदोलन में शामिल हुए हैं। ऐसे में PoK में राजनीतिक तनाव, प्रशासनिक कार्रवाई और आवश्यक वस्तुओं की कमी मिलकर एक जटिल स्थिति पैदा कर रहे हैं, जिसका असर सीधे आम नागरिकों पर पड़ रहा है।