पश्चिम एशिया से आई शांति की खबर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार में भी नई ऊर्जा भर दी है। अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्तों के सीज़फायर और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के फैसले ने निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया। मंगलवार को बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर चारों तरफ तेजी का माहौल देखने को मिला।
बाज़ार का तूफानी आगाज़
कारोबार की शुरुआत होते ही बेंचमार्क इंडेक्स में जोरदार उछाल देखने को मिला। निवेशकों का सेंटिमेंट इतना मजबूत रहा कि शुरुआती मिनटों में ही बाजार के कुल मार्केट कैप में करीब ₹14 लाख करोड़ का इजाफा हो गया।
सुबह 9:25 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार:
S&P BSE सेंसेक्स 2,541.76 अंक चढ़कर 77,157.73 पर पहुंच गया
NSE निफ्टी50 746.20 अंक बढ़कर 23,869.85 पर कारोबार करता दिखा
इस जबरदस्त तेजी ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया और बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
होर्मुज़ जलडमरूमध्य का दोबारा खुलना वैश्विक सप्लाई चेन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इससे तेल और गैस की आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद है, जो महंगाई को कम करने में मदद कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अगले 14 दिनों में बातचीत सफल रहती है, तो भारतीय बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है।
बाज़ार में तेजी के 3 बड़े कारण
होर्मुज़ ट्रांजिट खुलना
तेल और गैस की निर्बाध सप्लाई की उम्मीद से ऊर्जा बाजार में स्थिरता आएगी।
भू-राजनीतिक राहत
युद्ध का खतरा टलने से विदेशी निवेशकों (FIIs) का भरोसा बढ़ा है।
💵 डॉलर में स्थिरता
वैश्विक तनाव कम होने से रुपये को मजबूती मिलने की संभावना है।
अमेरिका-ईरान सीज़फायर और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के खुलने से शेयर बाजार में आई यह तेजी निवेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और कूटनीतिक बातचीत बाजार की दिशा तय करेंगे