अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से लौट रहे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम को लेकर कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज ने एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा, “जब राकेश शर्मा को अंतरिक्ष में भेजा गया था, तब एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के लोग उतने पढ़े-लिखे नहीं थे। लेकिन इस बार तो किसी दलित को भेजने की बारी थी। ऐसा नहीं है कि नासा ने कोई प्रतियोगी परीक्षा लेकर चयन किया। ऐसे में शुक्ला जी की जगह किसी दलित या ओबीसी को भेजा जा सकता था।”
एक्सिओम-4 मिशन से धरती पर वापसी
स्पेसएक्स द्वारा संचालित एक्सिओम-4 मिशन (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, मिशन कमांडर पैगी व्हिट्सन, पोलैंड के मिशन विशेषज्ञ स्लावोज़ उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू ने अंतरिक्ष में 18 दिन बिताने के बाद पृथ्वी की ओर वापसी की।
ड्रैगन ‘ग्रेस’ अंतरिक्ष यान सोमवार शाम 4:45 बजे (भारतीय समयानुसार) आईएसएस से अलग हो गया। स्पेसएक्स ने जानकारी दी कि यह यान मंगलवार दोपहर 3:01 बजे पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा और सैन डिएगो तट के पास समुद्र में लैंड करेगा।
डी-ऑर्बिट बर्न क्या है?
पृथ्वी की कक्षा में मौजूद किसी भी यान को जब वापसी करनी होती है, तो उसकी गति को धीमा करने के लिए डी-ऑर्बिट बर्न प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया में अंतरिक्ष यान के थ्रस्टर्स (इंजन) को एक निर्धारित दिशा और समय पर चलाकर उसे वायुमंडल में प्रवेश के योग्य बनाया जाता है। ड्रैगन यान का यह डी-ऑर्बिट बर्न आज दोपहर 2:07 बजे प्रशांत महासागर के ऊपर होने की उम्मीद है।