भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया सीजफायर के बावजूद जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। चार दिनों की सैन्य कार्रवाई के बाद सीजफायर हुआ, लेकिन sporadic घटनाएं अब भी जारी हैं।
शोपियां में मुठभेड़, लश्कर का एक आतंकी मारा गया
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को शोपियां जिले के ज़िनपाथर केलर इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें लश्कर-ए-तैयबा का कम से कम एक आतंकवादी मारा गया है, जबकि दो अन्य के छिपे होने की आशंका है। यह मुठभेड़ उन पोस्टरों के कुछ समय बाद हुई जिसमें तीन पाकिस्तानी आतंकियों – आदिल हुसैन थोकर, अली भाई और हाशिम मूसा – की तस्वीरें थीं। माना जा रहा है कि ये तीनों 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले में शामिल थे।
आतंकी हमले में शामिल आतंकियों की तलाश तेज
जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा एजेंसियों ने पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों के पोस्टर जारी किए हैं। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे। जानकारी देने वालों को 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है, और उनकी पहचान गुप्त रखने का भरोसा दिया गया है।
पहले भी जारी किए गए थे स्केच, तीन पाकिस्तानी आतंकी संदिग्ध
पहले जारी किए गए स्केच में तीन पाकिस्तानी आतंकियों – आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा – को दिखाया गया था। इनके कोड नाम मूसा, यूनुस और आसिफ बताए गए हैं। ये आतंकी पुंछ में हुई अन्य घटनाओं में भी शामिल रहे हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकियों पर बड़ी कार्रवाई
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को 2019 के पुलवामा हमले के बाद का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है, जिसमें दो विदेशी नागरिक और कई स्थानीय लोग मारे गए थे। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के छाया संगठन टीआरएफ ने ली थी।
इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेना के मुताबिक कार्रवाई सीमित, सटीक और योजनाबद्ध रही।
पीएम मोदी का राष्ट्र को संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि इस ऑपरेशन में बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी गढ़ों को निशाना बनाया गया। ये वही ठिकाने हैं जो 9/11 और लंदन ट्यूब बम विस्फोट जैसे हमलों से जुड़े रहे हैं।