भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार साइक्लोनिक स्टॉर्म सेनयार बुधवार सुबह मलक्का स्ट्रेट के ऊपर बना। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में एक और मौसम प्रणाली सक्रिय हुई, जो सुबह 5:30 बजे तक लो-प्रेशर एरिया में बदल गई। यह सिस्टम दक्षिण-पूर्व श्रीलंका और इक्वेटोरियल हिंद महासागर के आस-पास के इलाकों को प्रभावित कर रहा है।
अगले 24 घंटों में डिप्रेशन बनने की आशंका
IMD ने कहा है कि यह सिस्टम अगले 24 घंटों के भीतर डिप्रेशन में बदलेगा, जिससे दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना बढ़ जाएगी। सेनयार अगले 24 घंटे तक साइक्लोनिक स्टॉर्म की ताकत बनाए रखेगा, फिर धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा।
सेनयार की मूवमेंट
यह तूफान पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 26 नवंबर की दोपहर तक इंडोनेशिया के तट को पार कर सकता है। इसके बाद इसकी दिशा पहले पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम और फिर अगले दो दिनों में पूर्व की ओर मुड़ने की संभावना है।
नाम का अर्थ—‘शेर’
‘सेनयार’ नाम का अर्थ शेर है, जिसे संयुक्त अरब अमीरात ने नॉर्थ इंडियन ओशन के चक्रवातों की सूची में प्रस्तावित किया था। IMD किसी प्रणाली को नाम तब देता है जब वह डीप डिप्रेशन से साइक्लोनिक स्टॉर्म में बदल जाती है।
दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट
भारी बारिश कब और कहाँ?
तमिलनाडु: 25–30 नवंबर
केरल व माहे: 25–26 नवंबर
तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा: 29 नवंबर–1 दिसंबर
अंडमान-निकोबार: 25–29 नवंबर
बहुत भारी बारिश की संभावना:
तमिलनाडु: 28–30 नवंबर
अंडमान-निकोबार: 26–27 नवंबर
आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा: 30 नवंबर
आंधी-तूफान व तेज़ हवाएँ
IMD ने कई राज्यों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी है:
तमिलनाडु: 25–29 नवंबर
केरल व माहे: 25–27 नवंबर
लक्षद्वीप: 25 नवंबर
आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा: 28–29 नवंबर
अंडमान-निकोबार: 25–29 नवंबर
हवाओं की रफ्तार:
25 नवंबर: 40–50 km/h
26–28 नवंबर: 50–60 km/h
29 नवंबर: 30–40 km/h
IMD ने मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और बिना जरूरत समुद्र में न उतरने की सलाह दी है।