पंजाब और हरियाणा के बीच लंबे समय से चल रहे जल विवाद के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रित रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। भाखड़ा बांध की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने आतंकवाद विरोधी उपायों के तहत CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के 296 जवानों की तैनाती को मंजूरी दी है।
खुफिया रिपोर्ट के बाद उठाया गया कदम
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह फैसला केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तैयार की गई एक खतरे की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित नांगल स्थित भाखड़ा बांध पर विशेष सुरक्षा बल तैनात किया जाए ताकि किसी भी संभावित आतंकी हमले या गड़बड़ी को रोका जा सके।
जल वितरण को लेकर भी उठे सियासी सुर
भाखड़ा-नांगल बांध से बुधवार को हरियाणा के लिए नया जल वितरण चक्र शुरू हुआ। इस बीच, पंजाब की सत्तारूढ़ आप सरकार ने हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के विरोध में चल रहा अपना 20 दिन पुराना धरना समाप्त कर दिया है।
‘आप’ का आरोप और हरियाणा की मांग
पंजाब सरकार का कहना है कि हरियाणा पहले ही अपने हिस्से का पानी उपयोग कर चुका है, फिर भी 8,500 क्यूसेक पानी की मांग कर रहा है। पंजाब ने मानवीय आधार पर सिर्फ 4,000 क्यूसेक पानी की अनुमति दी है।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड का निर्णय
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की हालिया बैठक में यह तय किया गया कि:
पंजाब को मिलेगा – 17,000 क्यूसेक पानी
हरियाणा को मिलेगा – 10,300 क्यूसेक पानी
राजस्थान को मिलेगा – 12,400 क्यूसेक पानी
हालांकि, पंजाब ने हरियाणा की मांग को अव्यवहारिक बताया है, विशेष रूप से भाखड़ा मेन लाइन (BML) नहर की क्षमता और राज्य की अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अपील
नांगल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हरियाणा को बुधवार से पानी मिलना शुरू हो जाएगा, लेकिन उन्होंने हरियाणा से पानी के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की। उन्होंने चेताया कि पंजाब से और अधिक पानी की उम्मीद न की जाए।
मान ने यह भी बताया कि पिछले जल चक्र में हरियाणा को 15.06 लाख क्यूसेक पानी आवंटित किया गया था, लेकिन उसने 16.48 लाख क्यूसेक पानी का उपयोग किया।