कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भारत की सैन्य कार्रवाई को “छोटा युद्ध” कहे जाने पर एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आतंकवाद के खिलाफ कोई भी युद्ध छोटा नहीं होता, युद्ध तो युद्ध ही होता है।”
“इस युद्ध को मिले 100 में से 1000 नंबर”
सुले ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले और उसके जवाब में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, “मैं ऑपरेशन सिंदूर को 100 में से 1000 अंक देती हूं। हमारे सशस्त्र बल सर्वोच्च प्रशंसा के पात्र हैं।”
“हम भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, पार्टी का नहीं”
सुप्रिया सुले ने बताया कि वे उन सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों में शामिल हैं जो विभिन्न देशों में जाकर भारत का पक्ष रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम किसी पार्टी की नहीं, भारत की तरफ से जा रहे हैं।”
“सर्वदलीय सहमति थी—राजनीतिकरण नहीं होगा”
सुले ने यह भी कहा कि सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने सहमति जताई थी कि इस संवेदनशील समय पर कोई राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार का भी यही मानना है कि संसद में बहस ऑपरेशन सिंदूर के पूरा होने के बाद ही होनी चाहिए।