दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान उस वक्त हंगामा मच गया जब पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने विपक्ष की नेता आतिशी को संबोधित करते हुए “भाई” शब्द का इस्तेमाल कर दिया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब वर्मा सरकार की तीर्थयात्रा योजनाओं और धार्मिक यात्राओं के लिए वित्तीय सहायता से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे। बीच में ही आतिशी ने उन्हें टोक दिया, जिसके जवाब में वर्मा ने संभवतः उन्हें “भाई” कहकर संबोधित किया।
आप विधायकों का तीखा विरोध
जैसे ही वर्मा ने यह टिप्पणी की, सदन में माहौल गरमा गया। आप विधायकों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आतिशी खुद खड़ी होकर इसका विरोध करने लगीं और मंत्री से स्पष्टीकरण मांगा।
वर्मा का बचाव और स्पष्टीकरण
विवाद बढ़ता देख प्रवेश वर्मा ने सफाई दी और कहा, “भाई कहना गलत कैसे हो सकता है? आतिशी जी मेरी बहन हैं, भाई नहीं।” हालांकि, उनके इस स्पष्टीकरण के बावजूद आप विधायक संतुष्ट नहीं हुए और लगातार विरोध जारी रखा।
स्पीकर का हस्तक्षेप और निष्कासन
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए आप विधायकों से पूछा कि “भाई” शब्द आपत्तिजनक कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा, “मुझे यह मुद्दा समझ नहीं आ रहा है।” लेकिन जब आप विधायकों का हंगामा शांत नहीं हुआ, तो स्पीकर ने आप के दो विधायकों – विशेष रवि और कुलदीप कुमार – को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया। बाद में, विधायक मुकेश अहलावत को भी निलंबित कर दिया गया। हालांकि, आप प्रतिनिधिमंडल के अनुरोध के बाद रवि और कुमार का निलंबन रद्द कर दिया गया।
विवाद का राजनीतिक असर
यह विवाद भाजपा और आप के बीच बढ़ती राजनीतिक तल्खी को दर्शाता है। आप का आरोप है कि मंत्री द्वारा की गई टिप्पणी असंसदीय थी, जबकि भाजपा इसे अनावश्यक विवाद करार दे रही है। इस घटनाक्रम ने दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, जहां सदन में भाषा और शिष्टाचार को लेकर बहस छिड़ गई है।