कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर तीखा पलटवार किया है। मोहन भागवत ने हाल ही में कहा था कि “राम मंदिर के अभिषेक के बाद भारत को सच्ची आज़ादी मिली।” राहुल गांधी ने इसे देशद्रोह और हर भारतीय का अपमान बताया।
राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी ने नई दिल्ली के कोटला रोड पर कांग्रेस के नए मुख्यालय ‘इंदिरा गांधी भवन’ के उद्घाटन के दौरान कहा कि मोहन भागवत की यह टिप्पणी संविधान और स्वतंत्रता संग्राम का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि मोहन भागवत हर 2-3 दिन में देश को यह बताने का साहस करते हैं कि वे स्वतंत्रता संग्राम और संविधान के बारे में क्या सोचते हैं। राहुल ने कहा, “उनका यह बयान देशद्रोह है क्योंकि इसमें यह कहा गया कि संविधान अमान्य है और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष भी अमान्य था।”
राहुल गांधी की चेतावनी
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर मोहन भागवत किसी अन्य देश में यह बयान देते, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता और मुकदमा चलाया जाता। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह कहना कि भारत को 1947 में आज़ादी नहीं मिली, यह हर भारतीय का अपमान है। राहुल ने चेतावनी दी कि अब समय आ गया है कि हम इन बकवास बातों को सुनना बंद कर दें, जो RSS के लोग लगातार कह रहे हैं।
मोहन भागवत का बयान
सोमवार को मोहन भागवत ने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारत को ‘सच्ची आज़ादी’ देने वाला दिन था। उनके अनुसार, 15 अगस्त 1947 को भारत को अंग्रेजों से राजनीतिक आज़ादी मिली, लेकिन देश को आत्मनिर्भर और स्वतंत्र बनाने के लिए एक नया दृष्टिकोण और संविधान बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर के अभिषेक की तिथि को प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनाया जाना चाहिए, क्योंकि इस दिन भारत की वास्तविक स्वतंत्रता की स्थापना हुई थी।
यह बयान भारतीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर चुका है, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम और संविधान के प्रति सम्मान पर सवाल उठाए जा रहे हैं।