NATIONAL THOUGHTS

A Web Portal Of Positive Journalism 

Rin Mochan Mangal Stotra : मंगल दोष से मुक्ति का विधान, इस दिन करें ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ

Share This Post

नई दिल्ली,(नेशनल थॉट्स ) :  मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा करना एक आदत है जिसका महत्वपूर्ण स्थान हिन्दू धर्म में है। इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इसका माना जाता है कि बजरंगबली की पूजा से मंगल दोष से मुक्ति मिलती है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति लंबे समय से कर्ज में फंसे हैं, उन्हें किसी भी मंगलवार के दिन से शुरू करें ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ। इस स्तोत्र को पढ़ने से जीवन में आए हुए किसी भी आर्थिक संकट का समाप्ति होता है।
 
।।ऋणमोचन मंगल स्तोत्र।।

”मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः।
स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः।।
लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः।
धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः।।

अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः।
व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः।।

एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्।
ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात्।।

धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्।।

स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः।
न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्।।

अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल।
त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय।।

ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः।
भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा।।

अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः।
तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात्।।

विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा।
तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः।।

पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गतः।
ऋणदारिद्रयदुःखेन शत्रूणां च भयात्ततः।।

एभिर्द्वादशभिः श्लोकैर्यः स्तौति च धरासुतम्।
महतिं श्रियमाप्नोति ह्यपरो धनदो युवा”।।

इति श्री ऋणमोचक मङ्गलस्तोत्रम् सम्पूर्णम्।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *