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हिमाचल में मूसलधार बारिश का रेड अलर्ट, चार जिलों में स्कूल बंद

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उत्तर भारत के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तराखंड में बादल फटने से दो श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि हिमाचल प्रदेश में नदियों के उफान और भूस्खलन की घटनाओं के कारण ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।

उत्तराखंड में बादल फटा, दो श्रमिकों की मौत

उत्तरकाशी जिले में रविवार तड़के बादल फटने की घटना हुई, जिससे भूस्खलन हुआ और दो निर्माण श्रमिकों की मौत हो गई। सात अन्य लोग अब भी लापता हैं।

हिमाचल प्रदेश में स्कूल बंद, रेड अलर्ट जारी

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मौसम विभाग द्वारा कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर में रेड अलर्ट के मद्देनज़र 30 जून को सभी स्कूल बंद करने के निर्देश दिए। शेष जिलों—ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू और चंबा—में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

भूस्खलन और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित

शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-5) पर कोटी के पास भूस्खलन से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। ट्रेन सेवाएं भी बाधित रहीं। सोलन के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, चक्की मोड़ पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जबकि वैकल्पिक मार्गों पर काम जारी है।

मृतकों की संख्या 20 पहुंची

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, बारिश से संबंधित घटनाओं में बीते 24 घंटे में तीन लोगों की मौत हुई, जिससे अब तक कुल मृतकों की संख्या 20 हो गई है। ऊना और बिलासपुर में दो व्यक्ति डूबे, जबकि शिमला में एक व्यक्ति ऊंचाई से गिरकर मारा गया।

रेल सेवाएं बाधित, पटरियों पर मलबा

शिमला-कालका यूनेस्को विश्व धरोहर रेलमार्ग पर कोटी क्षेत्र में चट्टानों और पेड़ों के गिरने से ट्रेनों की आवाजाही रुक गई। मरम्मत का कार्य जारी है। कई यात्री घंटों तक फंसे रहे, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।

पुल बहा, औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित

सोलन के बड़ोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र में ट्रक यूनियन के पास एक पुल बह गया, जिससे मंधाला और बग्गूवाला की सड़क पर यातायात बंद हो गया। बद्दी की बालद नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जिससे झड़माजरी क्षेत्र में बाढ़ की आशंका है।

जलभराव से 20 घर प्रभावित

झड़माजरी की शिवालिक नगर कॉलोनी में 20 घरों में चार फुट तक पानी भर गया। वहीं मंडी की जुनी खड्ड और व्यास नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे न जाने की चेतावनी दी है।

बिजली उत्पादन और सुरंग संचालन पर असर

भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने ब्यास नदी में पानी के बहाव (44,000 क्यूसेक) और गाद स्तर (4,000 PPM) के चलते बग्गी सुरंग को बंद कर दिया है। देहर पावर हाउस में बिजली उत्पादन भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

सड़कों और ट्रांसफॉर्मरों को भारी नुकसान

राज्य भर में 129 सड़कें बंद हो चुकी हैं और 612 ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए हैं। सबसे अधिक सड़कों को नुकसान सिरमौर (57) और मंडी (44) में हुआ है। शनिवार शाम से भारी बारिश की रिकॉर्डिंग भी की गई, जिसमें जोगिंदरनगर में 135 मिमी, कसौली में 125 मिमी, शिमला में 91 मिमी और सोलन में 85.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी, 5 जुलाई तक बारिश की संभावना

स्थानीय मौसम विभाग ने सोमवार को कुछ हिस्सों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और अनुमान है कि बारिश का दौर 5 जुलाई तक जारी रह सकता है। बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और ऊना जिलों के लिए बाढ़ की चेतावनी दी गई है।

अब तक 20 मौतें, 4 लोग लापता

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत (20 जून) से अब तक बारिश संबंधी घटनाओं में 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग अब भी लापता हैं।

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