रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को गुजरात के भुज एयरबेस का दौरा करेंगे। वे दो दिनों (शुक्रवार और शनिवार) के लिए भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे। उनके साथ पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान रक्षा मंत्री सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय सशस्त्र बलों की तैयारियों और सतर्कता का मूल्यांकन करेंगे।
ड्रोन घुसपैठ के बाद सुरक्षा व्यवस्था की जांच
हाल ही में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कई असफल कोशिशें हुई थीं। इन प्रयासों को भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने सफलतापूर्वक विफल किया। राजनाथ सिंह अपने दौरे में इन घटनाओं के मद्देनज़र सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता की समीक्षा करेंगे।
भुज एयरबेस की रणनीतिक भूमिका
भुज रुद्र माता एयरबेस, भारतीय वायुसेना का एक प्रमुख ठिकाना है, जो दक्षिण पश्चिमी वायु कमान (SWAC) के अधीन काम करता है। यह आधार 27 विंग का घर है और इसकी सीमा के नज़दीक स्थिति इसे निगरानी व वायु रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। इसका रनवे नागरिक हवाईअड्डे के साथ साझा किया जाता है।
ऑपरेशन सिंदूर की भूमिका और प्रधानमंत्री का दौरा
हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना ने बड़ी कार्रवाई की थी। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पंजाब के आदमपुर एयरबेस का दौरा किया था। आदमपुर एयरबेस और भुज दोनों ही पश्चिमी वायु कमान के अंतर्गत आते हैं। इस ऑपरेशन की निगरानी वायुसेना प्रमुख के समन्वय में एयर मार्शल जीतेंद्र चौधरी कर रहे थे।