सोमवार को भाजपा विधायक राहुल नार्वेकर को महाराष्ट्र विधानसभा का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। यह उनके स्पीकर के रूप में दूसरा कार्यकाल है। उन्हें निर्विरोध चुने जाने का कारण विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) द्वारा उम्मीदवार नहीं उतारना था।
नार्वेकर का राजनीतिक सफर
राहुल नार्वेकर ने रविवार को कोलाबा विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया। वह 14वीं विधानसभा में ढाई साल तक स्पीकर रहे और 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में मुंबई की कोलाबा सीट से फिर से चुने गए।
नए सरकार का फ्लोर टेस्ट
उनके चुनाव के बाद, नई सरकार की ताकत को साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट होगा। इसके बाद राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे।
नार्वेकर का ऐतिहासिक निर्णय
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के रूप में अपने पिछले कार्यकाल में, नार्वेकर ने महत्वपूर्ण निर्णय दिए थे। उन्होंने बाल ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी में विभाजन के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी को वैध और असली शिवसेना माना था। इसके अलावा, अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट को असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) मानते हुए, शरद पवार के गुट को अवैध करार दिया था।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत
हाल ही में संपन्न महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महायुति गठबंधन (भा.ज.पा., शिवसेना, एनसीपी) ने शानदार प्रदर्शन किया। महायुति ने 288 में से 230 से अधिक सीटें जीतीं, जबकि एमवीए गठबंधन केवल 46 सीटें ही जीत सका। चुनाव आयोग के अनुसार, महायुति में भाजपा को 132, शिवसेना को 57 और एनसीपी को 41 सीटें मिलीं। वहीं, एमवीए के घटक दल शिवसेना (यूबीटी) को 20, कांग्रेस को 16 और एनसीपी (सपा) को 10 सीटें मिलीं।