फॉक्सकॉन में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच इसे लेकर श्रेय की जंग देखने को मिल रही है।
राहुल गांधी ने कर्नाटक सरकार की सराहना की
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस सप्ताह कर्नाटक सरकार की प्रशंसा करते हुए इसे भारत में अब तक की सबसे तेज़ फैक्ट्री विस्तार प्रक्रिया बताया। उन्होंने बेंगलुरु के पास स्थित आईफोन निर्माता फॉक्सकॉन के कारखाने में हुई तेज़ भर्ती का उदाहरण दिया।
9 महीनों में 30 हजार नौकरियां, 80% महिलाएं
राहुल गांधी ने बताया कि फॉक्सकॉन ने मात्र 8–9 महीनों में करीब 30,000 कर्मचारियों की भर्ती की है। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिनकी उम्र अधिकतर 19 से 24 वर्ष के बीच है। कई महिलाओं के लिए यह उनकी पहली नौकरी है।
‘यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, रोजगार क्रांति है’
राहुल गांधी ने फेसबुक पर इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा,
“महज आठ-नौ महीनों में 30,000 कर्मचारियों की भर्ती—भारत में अब तक की सबसे तेज़ फैक्ट्री उत्पादन वृद्धि। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक रोजगार क्रांति है।”
उन्होंने कहा कि कर्नाटक ऐसा माहौल बना रहा है, जहां विनिर्माण तेज़ी और बड़े पैमाने पर आगे बढ़ सकता है।
“यही वह भारत है जिसका हमें निर्माण करना है—सम्मानजनक नौकरियां और सभी के लिए अवसर।”
अश्विनी वैष्णव ने ‘मेक इन इंडिया’ को दिया श्रेय
राहुल गांधी के बयान के बाद केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस विकास का श्रेय केंद्र सरकार को दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी की पोस्ट और रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की सफलता को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद। प्रधानमंत्री के विजन को लागू करते हुए हम एक उत्पादक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं।”
भारत बन रहा है एप्पल का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब
ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन, एप्पल के नवीनतम आईफोन 17 समेत कई उपकरणों की प्रमुख कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर है। चीन से भारत की ओर उत्पादन के स्थानांतरण में फॉक्सकॉन की अहम भूमिका मानी जा रही है।
बेंगलुरु प्लांट में सालाना 20 मिलियन आईफोन का लक्ष्य
पूरी तरह चालू होने पर बेंगलुरु क्षेत्र की इस फैक्ट्री में सालाना 20 मिलियन आईफोन तक उत्पादन की क्षमता होने की उम्मीद है। पिछले 12 महीनों में भारत में 22 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन असेंबल किए गए हैं।
वैश्विक आईफोन उत्पादन में भारत की बढ़ती हिस्सेदारी
वर्तमान में भारत, एप्पल के कुल वैश्विक आईफोन उत्पादन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है। यह देश के लिए विनिर्माण, निवेश और रोजगार के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।