11 जून 2025 को ओडिशा के पुरी में पारंपरिक स्नान पूर्णिमा उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा था। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का औपचारिक स्नान अनुष्ठान, जिसे स्नान यात्रा कहा जाता है, जगन्नाथ मंदिर परिसर में संपन्न हो रहा था। यह रस्म आगामी रथ यात्रा उत्सव की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है।
उत्सव के बीच सेवादार की रहस्यमयी हत्या
इसी बीच भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद पुरी में एक दर्दनाक घटना सामने आई। जगन्नाथ मंदिर में सुपकरा सेवायत के रूप में कार्यरत 83 वर्षीय सेवादार जगन्नाथ दीक्षित का शव सड़क किनारे मिला। पुलिस के अनुसार, यह शव गुडियाशाही इलाके के रबेनी चौरा में बरामद किया गया।
पैसे की लेन-देन को लेकर विवाद की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, स्नान यात्रा की ड्यूटी पूरी करने के बाद दीक्षित नारायण पटजोशी नामक व्यक्ति से उधार दिए गए पैसे मांगने उसके घर गए थे। इसके कुछ समय बाद, वे उसी घर के सामने खून से लथपथ मृत पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि हत्या के पीछे पैसे को लेकर हुए विवाद का हाथ हो सकता है।
सीसीटीवी में दिखा हत्या का संदिग्ध
इस पूरे मामले में सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति दीक्षित का शव सड़क किनारे फेंकता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि फुटेज में दिखने वाला व्यक्ति नारायण पटजोशी है, और उसी ने पैसे मांगने पर दीक्षित की हत्या की।
पुलिस जांच में जुटी, एक संदिग्ध हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही पुरी सिटी डीएसपी प्रशांत कुमार साहू, टाउन थाना प्रभारी और वैज्ञानिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से फॉरेंसिक सैंपल जुटाए गए और शव को पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल भेजा गया।
पुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत अग्रवाल ने बताया, “प्रथम दृष्टया यह व्यक्तिगत रंजिश से जुड़ी हत्या प्रतीत होती है। मामले की जांच जारी है।” उन्होंने पुष्टि की कि एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ की जा रही है।