कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अयोध्या के राम मंदिर में मिले चंदे में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या इतने बड़े स्तर की कथित गड़बड़ी केवल कुछ कर्मचारियों द्वारा की जा सकती है या इसके पीछे बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की भी भूमिका हो सकती है।
CCTV बंद होने पर भी जताई शंका
प्रियंका गांधी ने अपने पोस्ट में पूछा कि क्या निचले स्तर के कर्मचारी अपने दम पर सीसीटीवी कैमरे बंद कर सकते हैं और करोड़ों रुपये के चढ़ावे में कथित हेराफेरी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को यह भी पता लगाना चाहिए कि कहीं इस पूरे मामले में उच्च स्तर पर मिलीभगत तो नहीं थी।
FIR दर्ज होने के बाद तेज हुआ मामला
यह मामला उस समय और चर्चा में आया जब अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित अनियमितताओं को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई।
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कई लोगों के नाम शामिल
एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, मनीष यादव समेत अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।
जांच एजेंसियां मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
सपा नेता ने लगाए थे हेराफेरी के आरोप
इस पूरे विवाद की शुरुआत समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे द्वारा लगाए गए आरोपों से हुई थी।
उन्होंने दावा किया था कि राम मंदिर में प्राप्त दान राशि में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी हुई है। उनके अनुसार यह राशि 27 करोड़ रुपये से लेकर 7.5 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
निष्पक्ष जांच की मांग
प्रियंका गांधी ने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा आस्था के साथ दिए गए चढ़ावे और दान से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है। इसलिए इसकी पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
उन्होंने मांग की कि जांच के दौरान किसी भी दोषी को बचाया न जाए और जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
राजनीतिक बहस का केंद्र बना मामला
राम मंदिर चंदा विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा विषय बन गया है। विपक्ष जहां मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, वहीं जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचने का दावा कर रही हैं।
आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और इस मामले से जुड़े नए खुलासों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।