उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) द्वारा एक पाक समर्थित संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने एटीएस की कार्रवाई की सराहना करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है।
एटीएस की बड़ी कार्रवाई, संदिग्ध गिरफ्तार
एटीएस ने सोमवार को आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र स्थित खुदाददपुर गांव से मोहम्मद शेख नामक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के अनुसार, उस पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े नेटवर्क के लिए काम करने का आरोप है।
सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ फैलाने का आरोप
एटीएस के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे नेटवर्क संचालक सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से मोहम्मद शेख को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित कर रहे थे। एजेंसी का दावा है कि वह आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में था और स्थानीय युवाओं को भी इस नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास कर रहा था।
महिला नेता को धमकी देने का मिला था ‘टेस्ट मिशन’
जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि संदिग्ध को दूसरे राज्य की एक महिला नेता को धमकी देने का एक “टेस्ट मिशन” भी सौंपा गया था। एटीएस इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है।
संदिग्ध के पास से क्या बरामद हुआ?
एटीएस ने मोहम्मद शेख के पास से एक 9 एमएम पिस्टल, चार कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
ओम प्रकाश राजभर ने सपा को घेरा
गिरफ्तारी के बाद ओम प्रकाश राजभर ने इस मामले को राजनीतिक रंग देते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी उस क्षेत्र से हो रही है, जिसे सपा का गढ़ माना जाता है।
राजभर ने आरोप लगाया कि इससे यह संकेत मिलता है कि ऐसे तत्वों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
सपा का मजबूत गढ़ माना जाता है आजमगढ़
पूर्वी उत्तर प्रदेश का आजमगढ़ जिला लंबे समय से समाजवादी पार्टी का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। वर्तमान में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव यहां से सांसद हैं। वहीं, पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी।
जांच जारी, अधिकारियों ने बरतने को कहा संयम
लखनऊ स्थित वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामला अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच अत्यंत संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, विस्तृत जांच पूरी होने और सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।
फिलहाल एटीएस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध के संपर्क कितने व्यापक थे तथा उसका नेटवर्क किन-किन लोगों तक फैला हुआ था।