पहलगाम हमले के बाद भारत ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का संकल्प लिया है। इसी के चलते पाकिस्तान ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है।
पीएम मोदी की उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कई अहम बैठकें कर रहे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए।
सेनाओं को मिली ऑपरेशनल स्वतंत्रता
बैठक में पीएम मोदी ने सेनाओं को जवाबी कार्रवाई के लिए पूर्ण ऑपरेशनल स्वतंत्रता दी है — इसमें लक्ष्य चुनने और कार्रवाई का समय तय करने का अधिकार भी शामिल है।
पीएम आवास पर दूसरी CCS बैठक
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद यह दूसरी CCS बैठक है। पहले भी एक उच्चस्तरीय बैठक पीएम के आवास पर हुई थी, जिसमें जवाबी रणनीति पर चर्चा की गई थी।
CCPA बैठक भी समानांतर जारी
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCPA) की बैठक भी चल रही है। इसे ‘सुपर कैबिनेट’ भी कहा जाता है, जो राष्ट्रीय महत्व के राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर निर्णय लेती है।
पुलवामा जैसे हालात, बालाकोट जैसा जवाब?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह स्थिति फरवरी 2019 के पुलवामा हमले और बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसी मानी जा रही है। तब भी CCPA और CCS ने मिलकर रणनीति बनाई थी।
पाकिस्तान पर बढ़ाया गया राजनयिक दबाव
पहली CCS बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कठोर कदम उठाए:
राजनयिक संबंधों में कटौती
प्रमुख सीमा मार्ग बंद
सिंधु जल संधि निलंबित
पाक सैन्य अधिकारी को निष्कासित किया गया