प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संसद में पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों से मुलाकात कर राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति को लेकर महत्वपूर्ण रणनीतिक सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि इस समय स्पष्ट संवाद और मजबूत जनसंपर्क बेहद ज़रूरी है। साथ ही, राज्य में हो रहे घटनाक्रम का ज़मीनी स्तर पर कड़ा विरोध दर्ज कराने की जरूरत पर भी ज़ोर दिया।
2026 के लिए विस्तृत राजनीतिक तैयारी पर ज़ोर
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने 2026 विधानसभा चुनावों की तैयारी को ध्यान में रखते हुए सांसदों से विस्तृत प्रेज़ेंटेशन तैयार करने और राजनीतिक रणनीति व लामबंदी के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा।
SIR प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखने की सलाह
पीएम मोदी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर किसी प्रकार की जटिलता न बढ़ाई जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि—
SIR को सरल और पारदर्शी रखें।
उद्देश्य केवल योग्य मतदाताओं का शामिल होना और अयोग्यों को सूची से हटाना है।
यह संदेश ज़मीनी स्तर तक साफ़-साफ़ पहुँचना चाहिए।
TMC की हिंसा के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की सलाह
प्रधानमंत्री ने कहा कि BJP सांसदों को खगेन मुर्मू पर हमले जैसी घटनाओं को जनता के बीच प्रभावी ढंग से उठाना चाहिए ताकि लोग “टीएमसी की राजनीतिक हिंसा” को समझ सकें।
असम के सांसदों से भी की मुलाकात
एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने असम के सभी बीजेपी सांसदों से मुलाकात की थी।
उन्होंने उन्हें—
जनता के बीच अधिक सक्रिय रहने,
विकास कार्यों पर जोर देने,
जनभागीदारी बढ़ाने,
खेल उत्सव और सोशल मीडिया अभियानों का उपयोग करने
की सलाह दी।
2026 के बड़े चुनाव — 5 राज्यों में तैयारी तेज
साल 2026 में इन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं:
असम – 126 सीटें
केरल – 140 सीटें
तमिलनाडु – 234 सीटें
पश्चिम बंगाल – 294 सीटें
पुडुचेरी – 30 सीटें
इन सभी राज्यों में BJP रणनीतिक तैयारियों को तेज कर रही है।