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पीएम मोदी का विदेश दौरा: यूएई से यूरोप तक भारत का बढ़ता प्रभाव

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वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल और बदलती विश्व व्यवस्था के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से छह दिवसीय अहम विदेश यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। इस दौरान वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे।

यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार, रक्षा, नवाचार, हरित ऊर्जा और वैश्विक साझेदारी के क्षेत्र में भारत की भूमिका को और सशक्त बनाने का बड़ा अवसर भी मानी जा रही है।

पहला पड़ाव: यूएई में रणनीतिक साझेदारी पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत यूएई से करेंगे, जहां वह राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे।

इस बैठक में दोनों नेता व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ऊर्जा सहयोग, व्यापार और निवेश से जुड़े विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।

यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और निवेश के लिहाज से भी अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा, वहां रहने वाले 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के हितों और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत होगी।

नीदरलैंड यात्रा: हरित हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर पर फोकस

यूएई के बाद प्रधानमंत्री मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड के दौरे पर रहेंगे। यह उनकी 2017 के बाद दूसरी नीदरलैंड यात्रा होगी।

इस दौरान वह राजा विलेम-अलेक्जेंडर, रानी मैक्सिमा और प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से मुलाकात करेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा में रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग को नई गति देने पर जोर रहेगा।

स्वीडन में व्यापार और तकनीक पर चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी 17 से 18 मई तक स्वीडन की दो दिवसीय यात्रा करेंगे। वह स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने और नई साझेदारियों की संभावनाओं पर चर्चा होगी। वर्तमान में भारत-स्वीडन व्यापार 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।

एआई, स्टार्टअप और हरित परिवर्तन पर सहयोग

भारत और स्वीडन के बीच वार्ता में हरित परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उभरती तकनीक, स्टार्टअप, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।

दोनों देशों के प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ को भी संबोधित करेंगे।

नॉर्वे में भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन

यात्रा के चौथे चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 से 19 मई तक नॉर्वे में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

वह नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम, रानी सोन्या और प्रधानमंत्री योनस गहर स्टोरे से मुलाकात करेंगे।

गौरतलब है कि 1983 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली नॉर्वे यात्रा होगी।

व्यापार, हरित तकनीक और ब्लू इकोनॉमी पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी और नॉर्वे के नेतृत्व के बीच व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और ब्लू इकोनॉमी को लेकर चर्चा होगी।

इसके अलावा भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के तहत सहयोग बढ़ाने पर भी फोकस रहेगा।

इटली में होगा दौरे का समापन

अपनी विदेश यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 19 से 20 मई तक इटली की आधिकारिक यात्रा करेंगे।

इस दौरान वह राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली गए थे। इस यात्रा में दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है।

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