प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम 7 बजे अपने सरकारी आवास, लोक कल्याण मार्ग पर सर्वदलीय वैश्विक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। यह बैठक ‘ऑपरेशन सिंदूर ग्लोबल आउटरीच’ के तहत आयोजित की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के कार्यालय ने बैठक की सूचना संबंधित सदस्यों को भेज दी है।
वैश्विक राजधानियों का दौरा कर लौटे सांसद और पूर्व राजनयिक
इस प्रतिनिधिमंडल में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसद, पूर्व राजदूत और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जिन्होंने दुनिया की प्रमुख राजधानियों का दौरा कर भारत की आतंकवाद विरोधी नीति—विशेषकर शून्य सहनशीलता—का समर्थन प्राप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए।
सात अलग-अलग समूहों में बंटे इन प्रतिनिधिमंडलों ने कुल मिलाकर 30 से अधिक देशों का दौरा किया।
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
यह वैश्विक आउटरीच मिशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले (ऑपरेशन सिंदूर) के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान गई थी। हमले के जवाब में भारत ने वैश्विक समर्थन जुटाने के लिए यह व्यापक कूटनीतिक पहल शुरू की।
किस समूह ने कहाँ का दौरा किया?
समूह 1 – भाजपा नेता बैजयंत पांडा के नेतृत्व में सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और अल्जीरिया का दौरा किया।
समूह 2 – भाजपा के रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में यूके, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली और डेनमार्क का दौरा किया गया।
समूह 3 – जद(यू) नेता संजय कुमार झा के नेतृत्व में इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान और सिंगापुर गए।
समूह 4 – शिवसेना नेता श्रीकांत शिंदे ने यूएई, लाइबेरिया, कांगो और सिएरा लियोन का दौरा किया।
समूह 5 – कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया की यात्रा की।
समूह 6 – डीएमके की कनिमोझी करुणानिधि के नेतृत्व में स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया और रूस गए।
समूह 7 – एनसीपी-एससीपी की सुप्रिया सुले ने मिस्र, कतर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया।