फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 11 फरवरी तक फ्रांस में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन एआई पर अंतरराष्ट्रीय चर्चा को बढ़ावा देगा। मैक्रों ने कहा, “फ्रांस, एआई पर वैश्विक शक्तियों के साथ संवाद स्थापित करना चाहता है। हमने भारत को आमंत्रित किया है और सम्मेलन से पहले भारत के साथ मिलकर काम करेंगे।”
सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य
फ्रांसीसी प्रेसीडेंसी के अनुसार, एआई शिखर सम्मेलन का ध्यान गलत सूचना और एआई के दुरुपयोग जैसे विषयों पर रहेगा। इस आयोजन का उद्देश्य एआई के क्षेत्र में नवाचार और प्रतिभा को बढ़ावा देना और फ्रांस तथा यूरोप को वैश्विक एआई परिदृश्य में एक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
वैश्विक सहभागिता
राष्ट्रपति मैक्रों ने बताया कि एआई के विकास और नियमन में अमेरिका, चीन, भारत और खाड़ी देशों जैसे वैश्विक शक्तियां अहम भूमिका निभाएंगी। सम्मेलन में एआई से जुड़े पांच प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी:
नवाचार और संस्कृति
वैश्विक एआई प्रशासन
एआई में सार्वजनिक हित
काम का भविष्य
एआई में विश्वास और पारदर्शिता
सम्मेलन में भाग लेने वाले
इस शिखर सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों, बड़ी और छोटी कंपनियों के सीईओ, शिक्षा जगत के विशेषज्ञों, गैर सरकारी संगठनों, कलाकारों और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी।
भारत और फ्रांस का सहयोग
फ्रांस और भारत मिलकर एआई तकनीक के विकास और उसके वैश्विक प्रशासन पर काम करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा एआई के क्षेत्र में भारत और फ्रांस के संबंधों को और मजबूत करेगी।
फ्रांस में आयोजित यह एआई शिखर सम्मेलन तकनीकी नवाचार और वैश्विक सहयोग को नई ऊंचाईयों पर ले जाने का प्रयास करेगा। पीएम मोदी की उपस्थिति भारत की एआई प्रौद्योगिकी के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।