PM Modi Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 4 बजे सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को गति देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जाए।
सुधारों और सुशासन पर रहेगा मुख्य फोकस
सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रशासनिक सुधारों, सुशासन और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ ही ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ (जीवन को आसान बनाना) और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ (कारोबार को सरल बनाना) से जुड़े सुधारों की समीक्षा भी की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना और निवेश तथा कारोबार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।
सचिव देंगे अपने मंत्रालयों की प्रगति रिपोर्ट
बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के सचिव अपने-अपने विभागों के कामकाज, चल रही योजनाओं और सुधारों की प्रगति पर प्रस्तुति देंगे। इसमें जनहित से जुड़ी योजनाओं, डिजिटल गवर्नेंस, सेवा वितरण और प्रशासनिक सुधारों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री विभिन्न मंत्रालयों के प्रदर्शन का आकलन करने के साथ आगामी प्राथमिकताओं पर भी दिशा-निर्देश दे सकते हैं।
‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स’ पर होगा मंथन
बैठक में सरकार के ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स’ यानी अगली पीढ़ी के सुधारों पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इन सुधारों का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
प्रधानमंत्री सचिवों से यह सुनिश्चित करने को कह सकते हैं कि जनता से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी न हो और सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
आर्थिक विकास की समीक्षा भी संभव
बैठक में देश की आर्थिक स्थिति और हालिया विकास दर पर भी चर्चा हो सकती है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत और जनवरी-मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में 7.8 प्रतिशत रही। विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू मांग, सरकारी पूंजीगत व्यय और मजबूत निवेश गतिविधियों ने इस वृद्धि को गति दी है।
सरकार इन सकारात्मक आर्थिक संकेतकों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक नीतिगत कदमों पर भी विचार कर सकती है।
पहले भी सुधारों की प्राथमिकताएं तय कर चुके हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही अगले दशक के लिए सरकार की सुधार संबंधी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ ने शासन व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाए हैं और आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिला है।
‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ पर लगातार जोर
हाल ही में 21 जून को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में भी प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से कहा था कि सरकार ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’, ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ और युवाओं के लिए नए अवसरों के सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
उन्होंने दोहराया था कि ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप बने। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से यह भी कहा था कि हर नीति और हर निर्णय का अंतिम उद्देश्य लोगों का जीवन आसान बनाना होना चाहिए।