पाक रेंजर्स की हिरासत में थे पूर्णम कुमार शॉ
पाकिस्तानी रेंजर्स की हिरासत में रहे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान पूर्णम कुमार शॉ को बुधवार को अटारी बॉर्डर पर भारत को सुरक्षित लौटा दिया गया। BSF द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह हस्तांतरण सुबह करीब 10:30 बजे शांतिपूर्ण ढंग से और स्थापित प्रोटोकॉल के तहत किया गया।
गलती से सीमा पार करने पर हुई गिरफ्तारी
ड्यूटी के दौरान छायादार स्थान की ओर बढ़े थे जवान
182वीं बटालियन के जवान शॉ 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में ड्यूटी के दौरान गलती से पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गए थे। वे बाड़ के पास अपनी पोस्ट पर तैनात थे और सर्विस राइफल के साथ वर्दी में थे। आराम के लिए छायादार स्थान की ओर बढ़ने के दौरान वे अनजाने में पाक क्षेत्र में पहुंच गए, जहां पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
भारत-पाक फ्लैग मीटिंग के बाद हुआ समाधान
सीमा अधिकारियों ने की पहल
जवान को रिहा कराने के लिए भारत और पाकिस्तान के सीमा अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग आयोजित की गई थी। दोनों पक्षों ने मामले को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने की प्रतिबद्धता जताई और इसके बाद जवान की रिहाई संभव हो सकी।
आतंकी हमले के ठीक बाद हुआ था सीमा पार
22 अप्रैल को हुआ था बैसरन आतंकी हमला
यह घटना 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के अगले दिन हुई थी। उस हमले में बैसरन घाटी में आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में 26 लोग मारे गए थे। ऐसे माहौल में जवान की सीमा पार की घटना ने चिंता बढ़ा दी थी।
परिवार की अपील और ममता बनर्जी से उम्मीद
पत्नी ने लगाई थी सीएम से गुहार
इससे पहले जवान की पत्नी रजनी साहू ने पति की रिहाई के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हस्तक्षेप की अपील की थी। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रक्रिया तेज हो सकती है। शॉ पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और फिरोजपुर में तैनात थे।
संयम और कूटनीति से सुरक्षित वापसी
बीएसएफ जवान की शांतिपूर्ण वापसी इस बात का प्रमाण है कि संकट के समय संवेदनशील कूटनीति और दोनों देशों के बीच संवाद से समाधान निकाला जा सकता है। जवान की सुरक्षित वापसी से उनके परिवार और बल दोनों को राहत मिली है।