जम्मू-कश्मीर की सीमाओं पर पाकिस्तान की ड्रोन गतिविधियों में अचानक तेज़ी आने से भारतीय सुरक्षा तंत्र पूरी तरह अलर्ट हो गया है।
पिछले कुछ हफ्तों में सांबा, राजौरी और पुंछ जैसे संवेदनशील इलाकों में लगातार ड्रोन देखे गए हैं।
सेना प्रमुख की सख्त चेतावनी
15 जनवरी (सेना दिवस) को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इन गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी।
उन्होंने बताया कि 9 जनवरी से अब तक LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर कम से कम 10–12 ड्रोन देखे जा चुके हैं।
सेना प्रमुख के अनुसार, ये ड्रोन मुख्य रूप से जासूसी (Reconnaissance) के उद्देश्य से भेजे जा रहे हैं।
ड्रोन क्यों भेज रहा है पाकिस्तान?
रक्षा विशेषज्ञों और सेना प्रमुख के बयानों के आधार पर ड्रोन भेजने के तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं—
सुरक्षा ग्रिड की जांच
जनरल द्विवेदी के अनुसार, छोटे ड्रोन अक्सर लाइट जलाकर और कम ऊंचाई पर उड़ते हैं।
पाकिस्तान यह परखना चाहता है कि कहीं भारतीय सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई तो नहीं, जहां से आतंकियों की घुसपैठ कराई जा सके।
रडार और एंटी-ड्रोन सिस्टम का परीक्षण
ड्रोन भेजकर पाकिस्तान यह जांच रहा है कि भारतीय रडार और एंटी-ड्रोन सिस्टम कितनी तेजी से सक्रिय होते हैं और किस सेक्टर में किस तरह की प्रतिक्रिया मिलती है।
हथियार पहुंचाने की कोशिश
9 जनवरी को सांबा में एक ड्रोन द्वारा पिस्तौल, मैगजीन और ग्रेनेड गिराए जाने की घटना से यह साफ हो गया कि पाकिस्तान अब भी घाटी में आतंक को बढ़ावा देने के लिए तकनीक का सहारा ले रहा है।
‘पहचान ऑपरेशन’ चला रहा है पाकिस्तान
भू-राजनीतिक विशेषज्ञ सुमित राज ने ट्वीट करते हुए कहा—“पाकिस्तान ड्रोन के जरिए ‘पहचान ऑपरेशन’ कर रहा है। बिना पेलोड वाले ड्रोन भारत के रिस्पॉन्स टाइम और सक्रिय रडार सिस्टम को जांचने के लिए भेजे जाते हैं। इससे यह पता लगाया जाता है कि किन सेक्टरों में सेना की मूवमेंट बढ़ी है।”
सेना प्रमुख का दो टूक संदेश
सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की यह कोशिश नाकाम रही है।
जनरल द्विवेदी ने कहा—“हो सकता है वे यह देखना चाहते हों कि भारतीय सेना में कोई कमी या ढिलाई है या नहीं। लेकिन उन्हें नकारात्मक जवाब मिला होगा। आज की तारीख में ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां से आतंकियों को भेजा जा सके।”
हथियार और ड्रग्स सप्लाई की आशंका
जम्मू-कश्मीर के पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी एस.पी. वैद ने कहा कि पाकिस्तान तनाव बढ़ाने पर आमादा है।
उनका मानना है कि पाकिस्तान ड्रोन के ज़रिए हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि घाटी में स्थानीय आतंकियों की भर्ती लगभग बंद हो चुकी है।
उन्होंने ट्वीट में कहा—“भारत ने सफलतापूर्वक एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं। देश को उन लॉन्चपैड और ठिकानों पर कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है, जहां से ये ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं।”
गणतंत्र दिवस से पहले बढ़ी चिंता
पाकिस्तान भारत की चेतावनियों के बावजूद अपनी उकसावे वाली रणनीति पर कायम नजर आ रहा है।
ऐसे में अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि गणतंत्र दिवस से पहले नई दिल्ली इस चुनौती से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।