शनिवार को भारत सरकार ने पाकिस्तान से आने वाले सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले 2019 में पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी वस्तुओं पर 200 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया था, जिससे द्विपक्षीय व्यापार पहले ही काफी प्रभावित हो चुका था।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: बंदरगाहों से भारतीय जहाजों पर रोक
भारत के आयात प्रतिबंध के जवाब में पाकिस्तान ने अपने बंदरगाह भारतीय जहाजों के लिए बंद कर दिए हैं। पाकिस्तानी समाचार एजेंसी ‘डॉन’ के अनुसार, देश के समुद्री मामलों के मंत्रालय के बंदरगाह और शिपिंग विंग ने यह निर्णय लिया है।
सरकारी बयान में कहा गया, “समुद्री संप्रभुता, आर्थिक हित और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए तत्काल प्रभाव से यह कदम उठाया गया है। भारतीय ध्वजवाहक जहाजों को किसी भी पाकिस्तानी बंदरगाह पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, पाकिस्तानी जहाज भी भारतीय बंदरगाहों की ओर नहीं जाएंगे।”
आतंकी हमले के बाद बढ़ा तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच यह तनाव जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद और अधिक बढ़ गया है। 22 अप्रैल को बारिसन घाटी में आतंकियों ने घुसपैठ कर 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इस जघन्य हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है और द्विपक्षीय रिश्तों को और अधिक खराब कर दिया है।
भारत ने बढ़ाई सुरक्षा, बंद किए मेल और पार्सल मार्ग
भारत ने न केवल व्यापारिक प्रतिबंधों को कड़ा किया है, बल्कि पाकिस्तान के साथ हवाई और भूमि मार्गों से होने वाले मेल और पार्सल एक्सचेंज को भी निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया गया है। हाल ही में बीएसएफ ने श्रीगंगानगर में एक पाकिस्तानी रेंजर्स जवान को भारतीय सीमा में घुसपैठ करते हुए पकड़ लिया।