कश्मीर घाटी में इस समय माहौल बेहद तनावपूर्ण है। भारतीय सेना और सुरक्षा बल पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। घाटी के कई हिस्सों में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है, और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों के घरों को एक-एक करके ध्वस्त किया जा रहा है।
अब तक 5 लश्कर आतंकियों के घर किए गए ध्वस्त
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, के जवाब में सुरक्षा बलों ने अब तक 5 सक्रिय आतंकियों के घरों को तबाह कर दिया है। मरने वालों में अधिकतर पर्यटक थे।
आदिल हुसैन थोकर उर्फ आदिल गोजरी का बिजबेहरा स्थित घर IED विस्फोट से उड़ाया गया। वह पाकिस्तान जाकर प्रशिक्षण ले चुका था और हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है।
त्राल के दो आरोपियों – आसिफ शेख और आदिल शेख – के घरों को बुलडोजर से जमींदोज किया गया।
पुलवामा के मुर्रान निवासी अहसान अहमद शेख के दो मंजिला मकान को भी IED से नष्ट किया गया।
शोपियां में लश्कर आतंकी शाहिद अहमद के घर को भी विस्फोट से उड़ाया गया।
कुलगाम के क्विमोह इलाके में जाकिर गनी का घर भी सुरक्षा बलों द्वारा तबाह कर दिया गया।
पहलगाम हमला: मिनी स्विट्जरलैंड में गोलियों की बौछार
मंगलवार को लगभग पांच से छह आतंकियों ने पहलगाम से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित बैसरन घास के मैदान में पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। यह इलाका ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है और वहाँ केवल घोड़े या पैदल ही पहुँचा जा सकता है। यह हमला हाल के वर्षों में सबसे घातक नागरिक हत्याओं में से एक माना जा रहा है।
हमले की जिम्मेदारी TRF ने ली
लश्कर की सहयोगी इकाई द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर देवदार के जंगलों से निकलकर आए और पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। पीड़ितों में यूएई और नेपाल के दो विदेशी नागरिक, कुछ स्थानीय लोग और पर्यटक शामिल थे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: “यह हमला अभूतपूर्व”
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को “हाल के वर्षों में नागरिकों पर हुआ सबसे भयानक हमला” बताया और आतंकियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की मांग की।