पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधी रात की घोषणा के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने सरकार के प्रस्तावित विधेयक का स्वागत करने के बजाय केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को और तेज कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि नए कानून से पहले परीक्षा प्रणाली में हुई कथित अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
विपक्ष बोला- सबसे सख्त कदम होगा धर्मेंद्र प्रधान को हटाना
कॉजपा ने कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की ओर से उठाया जाने वाला सबसे प्रभावी कदम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना होगा।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मोदी जी, अगर सबसे कड़ी कार्रवाई करनी है तो सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाइए।”
अभिजीत दीपके का सोशल मीडिया पर कटाक्ष
कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी प्रधानमंत्री की घोषणा पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक तस्वीर साझा की। तस्वीर में एक व्यक्ति बिना चारदीवारी वाले परिसर का गेट बंद करता दिखाई दे रहा है। इसे प्रस्तावित पेपर लीक कानून पर व्यंग्य के रूप में देखा जा रहा है।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, लेकिन आंदोलन जारी
नीट पेपर लीक मामले को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया।
हालांकि, कॉजपा ने कहा कि वांगचुक के अनशन समाप्त होने से राहत मिली है, लेकिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी से की तीन मांगें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधी रात जारी वीडियो संदेश की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें छात्रों की मुख्य मांगों को नजरअंदाज किया गया है।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री को विद्यार्थियों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से तीन मांगें रखते हुए कहा—
पहली: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल हटाया जाए।
दूसरी: छात्रों पर बल प्रयोग और पिटाई करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
तीसरी: सरकार छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
पेपर लीक पर सख्त कानून लाने की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद प्रश्नपत्र लीक को रोकने के लिए कड़े प्रावधानों वाला विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में विधेयक के मसौदे पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
नीट मामले में सरकार का दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि मामले की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालतों की व्यवस्था की गई है तथा जांच एजेंसियों ने जिम्मेदार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
सियासी टकराव और तेज होने के संकेत
पेपर लीक पर सरकार के नए कानून की घोषणा के बावजूद विपक्ष फिलहाल अपने रुख पर कायम है। ऐसे में संसद के आगामी सत्र में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।