जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध केवल रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीकी सहयोग, रक्षा, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और वैश्विक शासन सुधार जैसे क्षेत्रों में गहराई तक जुड़े हैं। दोनों लोकतंत्रों के बीच साझा मूल्य और पारस्परिक सम्मान इस रिश्ते को और मजबूत बनाते हैं।
ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बना भारत
जयशंकर ने कहा कि भारत अब केवल अपनी नहीं, बल्कि दुनिया के विकासशील देशों की भी आवाज बन चुका है। G20 अध्यक्षता के दौरान भारत ने ग्लोबल साउथ के मुद्दों को प्राथमिकता दी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी प्रभावशाली वकालत करता है।
चीन और इंडो-पैसिफिक पर भारत का संतुलित रुख
चीन पर पूछे गए सवालों पर उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता का पक्षधर है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में कानून आधारित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अमेरिका व समान विचारधारा वाले देशों के साथ काम करता रहेगा, लेकिन अपनी रणनीतिक स्वायत्तता से कोई समझौता नहीं करेगा।
रूस-यूक्रेन युद्ध: भारत का रुख शांति और संवाद
रूस-यूक्रेन युद्ध पर जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत किसी युद्ध का पक्षधर नहीं है। भारत ने यूक्रेन को मानवीय सहायता भेजी है और युद्ध से प्रभावित देशों की मदद के लिए हमेशा तत्पर है।
रूसी तेल पर टैक्स की अमेरिकी योजना पर जयशंकर का जवाब
अमेरिकी विधेयक के तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500% टैक्स की योजना पर जयशंकर ने कहा कि भारत ने अपनी चिंताओं को अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के सामने रखा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर ऐसी स्थिति आती है, तो भारत उसका समाधान जरूर खोजेगा।
ऊर्जा सुरक्षा भारत के लिए सिर्फ आर्थिक नहीं, रणनीतिक मुद्दा
जयशंकर ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रूस से रियायती दर पर तेल खरीदा। मई 2025 में भारत ने प्रतिदिन 1.96 मिलियन बैरल तेल रूस से आयात किया, जो पश्चिम एशियाई देशों से भी अधिक था।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में
जयशंकर ने संकेत दिया कि अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता जल्द ही फाइनल हो सकता है। इससे भारी शुल्कों में राहत मिलेगी और ट्रंप द्वारा लगाए गए 26% टैरिफ का संतुलन स्थापित किया जा सकेगा।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकियों को कड़ा संदेश
जयशंकर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर दुनिया को यह संदेश देता है कि भारत आतंकवादियों, उनके समर्थकों और फंडिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने सुरक्षा परिषद और क्वाड के बयानों को भारत की आतंक विरोधी नीति का समर्थन बताया।
पाकिस्तान पर ट्रंप के दावे को जयशंकर ने खारिज किया
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारत-पाक युद्धविराम में अमेरिकी भूमिका के दावे को सिरे से खारिज करते हुए जयशंकर ने स्पष्ट किया कि यह समझौता दोनों देशों के डीजीएमओ के आपसी संवाद से हुआ था।
भारत अब केवल क्षेत्रीय शक्ति नहीं, वैश्विक संतुलनकर्ता
जयशंकर की प्रेस वार्ता इस बात का प्रमाण है कि भारत अब एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति है जो संतुलन, संवाद और विकास को प्राथमिकता देता है। वह वैश्विक साझेदारों के साथ संबंधों को सशक्त कर रहा है, लेकिन किसी भी दबाव में अपने हितों से समझौता नहीं करेगा।