पाकिस्तान के साथ तनावपूर्ण हालात के बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लेने श्रीनगर पहुँचे। यह दौरा ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुआ, जो कि भारत द्वारा पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों के खिलाफ की गई बड़ी सैन्य कार्रवाई है।
सेना और नागरिकों को दी श्रद्धांजलि
श्रीनगर के बादामी बाग छावनी में जवानों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा:“मैं आतंकियों से लड़ते हुए शहीद जवानों और पहलगाम हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि देता हूं। घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।”उन्होंने कहा कि भारत के पास न केवल अपनी रक्षा की क्षमता है, बल्कि जवाब देने की भी पूरी ताक़त है।
ऑपरेशन सिंदूर: सिर्फ मिशन नहीं, एक संदेश
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की सराहना करते हुए कहा:“यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि भारत की अडिग नीति और संकल्प का प्रतीक है। हमने दिखा दिया कि भारत अब सिर्फ सहन नहीं करता, बल्कि जवाब भी देता है।”उन्होंने कहा कि यह मिशन हर जवान की आँखों में पल रहे उस संकल्प का परिणाम था कि देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान को चेतावनी: कीमत चुकानी पड़ेगी
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा:“भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को समर्थन देना बंद करो, वरना अब जो कीमत चुकाई जा रही है, वह और बढ़ती ही जाएगी।”उन्होंने याद दिलाया कि 21 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पाकिस्तान ने वादा किया था कि वह अपनी ज़मीन से आतंकवाद का निर्यात नहीं करेगा, लेकिन वह वादा झूठा निकला।
हर आतंकी हमला अब युद्ध माना जाएगा’
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी की नीति को दोहराते हुए कहा:“अब भारत की ज़मीन पर हुआ कोई भी आतंकी हमला ‘युद्ध’ की तरह माना जाएगा। आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकती। अगर कोई बातचीत होगी, तो वह पीओके और आतंकवाद पर होगी।”