पिछले कुछ समय से विपक्षी दलों द्वारा बसपा प्रमुख मायावती पर यह आरोप लगाया जा रहा था कि उनकी पार्टी और भाजपा के बीच कोई सीक्रेट डील है। मायावती के विपक्ष से दूरी बनाए रखने और ऑपरेशन सिंदूर पर उनके रुख के बाद इन अटकलों को और बल मिला था। अब मायावती ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।
मायावती का बयान
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने मंगलवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ किसी भी गठबंधन या समझौते से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को ऐसी खबरों से सावधान रहने की हिदायत दी। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने कहा कि बसपा न तो भाजपा के एनडीए के साथ है और न ही कांग्रेस के ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ। उनकी पार्टी इन दोनों और किसी भी अन्य जातिवादी गठबंधन से अलग, अपने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के आंबेडकरवादी सिद्धांतों पर चलती है।
मीडिया पर साधा निशाना
मायावती ने कुछ मीडिया घरानों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खासकर दलित, आदिवासी और अन्य पिछड़ा वर्ग विरोधी तथा जातिवादी मानसिकता रखने वाले कुछ मीडिया बसपा की छवि को धूमिल करने और राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से ऐसे घिनौने हथकंडों से सावधान रहने और किसी के बहकावे में न आने की अपील की। उनका कहना था कि जातिवादी तत्व अपने आंबेडकरवादी कारवां को कमजोर करने के लिए हमेशा किसी न किसी रूप में षड्यंत्र रचते रहते हैं।