प्रिय समुह सदस्यो 22 मार्च 2022 आज हि के दिन मेरे जन्मदिवस के सुअवसर पर सनातन धर्म समूह का प्रारम्भ हुआ था।आज हमारे समूह को चार वर्ष पूर्ण हुए आशा करता हू कि इस समूह के माध्यम से आपको सनातन धर्म से संबंधित कई अच्छी तथा रोचक जानकारीया प्राप्त हुई होगी।आगे भी आपको अच्छी तथा रोचक जानकारीया प्राप्त होगी इसी विश्वास के साथ मेरे परम आराध्यदेव श्री हनुमान जी महाराज कि अनवरत कृपा हम सभी पर बनी रहे यही कामना करता हू”
नवदुर्गा: माँ दुर्गा के 9 रूप
नवरात्रि उत्सव के दौरान देवी दुर्गा के नौ विभिन्न रूपों का सम्मान किया जाता है, एवं उन्हें पूजा जाता है; जिसे नवदुर्गा के नाम से भी जाना जाता है।
प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी।
तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ।।
पंचमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च।
सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम् ।।
नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा: प्रकीर्तिता:।
उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना ।।
माँ दुर्गा के 9 रूप
1. शैलपुत्री
2. ब्रह्मचारिणी
3. चन्द्रघंटा
4. कूष्माण्डा
5. स्कंदमाता
6. कात्यायनी
7. कालरात्रि
8. महागौरी
9. सिद्धिदात्री
देवी माँ या निर्मल चेतना स्वयं को सभी रूपों में प्रत्यक्ष करती हैं, और सभी नाम ग्रहण करती हैं। माँ दुर्गा के नौ रूप और हर नाम में एक दैवीय शक्ति को पहचानना ही नवरात्रि मनाना है। असीम आनन्द और हर्षोल्लास के नौ दिनों का उचित समापन बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक पर्व दशहरा मनाने के साथ होता है। नवरात्रि पर्व की 9 रातें देवी माँ के 9 विभिन्न रूपों को समर्पित हैं जिसे नवदुर्गा भी कहा जाता है।
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥