प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी राजनीति का मकसद केवल सत्ता नहीं, बल्कि जनता की सुविधा और समृद्धि है। आयकर में 12 लाख रुपये तक की आय को कर-मुक्त करने के बाद अब जीएसटी दरों में बड़ा बदलाव कर उन्होंने जनता को दिवाली से पहले ही बंपर गिफ्ट दे दिया है।
उपभोक्ता, उद्योग और बाजार को तिहरा लाभ
इस फैसले से उपभोक्ताओं को राहत, उद्योग जगत को प्रोत्साहन और बाजार में तेजी देखने को मिल रही है। यह निर्णय केवल आर्थिक सुधार नहीं, बल्कि जनता के जीवनस्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
लाल किले से किया वादा पूरा
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से ‘कम कर, सरल कर’ व्यवस्था का वादा किया था, जिसे 20 दिनों के भीतर पूरा कर दिया गया। इससे भारत ने वैश्विक स्तर पर यह संदेश भी दिया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था जीवंत और मज़बूत है।
जीएसटी परिषद का ऐतिहासिक निर्णय
जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में लिए गए निर्णय यह दिखाते हैं कि कर सुधार सीधे नागरिकों की ज़िंदगी से जुड़े हैं।
22 सितम्बर से लागू बदलावों के तहत ज़रूरी वस्तुएँ सस्ती होंगी।
खाद्य पदार्थों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को राहत मिली है।
कुछ क्षेत्रों पर कर बोझ भी बढ़ा है, खासकर ऊर्जा और नशीले उत्पादों पर।
जीएसटी 2.0 : क्या होगा सस्ता
भोजन और रोज़मर्रा की वस्तुएँ
दूध, घी, पनीर, मक्खन, चीज़ – 12% से घटकर 5% या शून्य।
बिस्कुट, चॉकलेट, पास्ता, कॉर्नफ्लेक्स – 12–18% से घटकर 5%।
बादाम, काजू, पिस्ता, खजूर – 12% से घटकर 5%।
नमकीन, स्नैक्स – 18% से घटकर 5%।
मिनरल वाटर (बिना फ्लेवर/शक्कर) – 18% से घटकर 5%।
कृषि एवं उर्वरक
उर्वरक – 12%/18% से घटकर 5%।
बीज व पोषक तत्व – 12% से घटाकर 5%।
स्वास्थ्य और शिक्षा
जीवनरक्षक दवाएँ व मेडिकल उपकरण – 12%/18% से घटकर 5% या शून्य।
शैक्षिक सेवाएँ, किताबें – जीएसटी शून्य या 5%।
उपभोक्ता वस्तुएँ
इलेक्ट्रॉनिक्स (बेसिक) – 28% से घटकर 18%।
जूते और वस्त्र – 12% से घटकर 5%।
हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट – 18% से घटकर 5%।
ऑटो सेक्टर
छोटी कारें – 28% से घटकर 18%।
350 सीसी तक की बाइक – 28% से घटकर 18%।
ईवी – 5% पर यथावत।
अन्य क्षेत्र
नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण – 12% से घटकर 5%।
निर्माण सामग्री – 12% से घटकर 5%।
खेल सामान, खिलौने, चमड़ा, लकड़ी व हस्तशिल्प – 5%।
जीएसटी 2.0 : क्या होगा महँगा
नशीले और हानिकारक उत्पाद
पान मसाला, गुटखा, सिगरेट – अब RSP (रिटेल सेल प्राइस) पर टैक्स।
शक्करयुक्त/फ्लेवर युक्त पेय – 28% से बढ़कर 40%।
विलासिता और लग्ज़री वस्तुएँ
सिगरेट, प्रीमियम शराब, हाई-एंड कारें – 40% कर यथावत।
ऊर्जा एवं ईंधन
कोयला – 5% से बढ़कर 18%।
सेवाएँ
निर्धारित परिसरों के रेस्टोरेंट – 18% जीएसटी, ITC की सुविधा नहीं।
कुछ लॉटरी और बिचौलिया सेवाओं पर नियम सख्त।
नई जीएसटी दरें आम घरों, छोटे व्यवसायों और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देती हैं। हालांकि ऊर्जा और ईंधन पर बढ़े कर चुनौतियाँ पेश करेंगे। यह फैसला उपभोक्ता संतुष्टि, उद्योग जगत की सकारात्मक प्रतिक्रिया और शेयर बाजार की मजबूती के साथ भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला है।