पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय एयरलाइंस ने संकटग्रस्त यात्रियों की मदद के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। कई उड़ानें रद्द होने और हवाई मार्ग प्रभावित होने के कारण बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में फंस गए हैं। ऐसे में एयरलाइंस कंपनियां विशेष उड़ानों और लचीली यात्रा नीतियों के जरिए यात्रियों को राहत देने की कोशिश कर रही हैं।
इंडिगो ने दी मुफ्त कैंसलेशन और रीशेड्यूलिंग की सुविधा
इंडिगो ने यात्रियों को राहत देते हुए 31 मार्च 2026 तक मध्य पूर्व और इस्तांबुल से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए मुफ्त कैंसलेशन और रीशेड्यूलिंग की सुविधा दे दी है। एयरलाइन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी ट्रैवल एडवाइजरी में बताया कि यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा रहा है।
एयरलाइन ने कहा कि यदि किसी यात्री को अतिरिक्त सहायता या जानकारी की जरूरत हो तो वह ग्राहक संपर्क केंद्र +91 124 6173838 पर संपर्क कर सकता है। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि उसकी टीमें यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार काम कर रही हैं।
स्पाइसजेट की 14 विशेष उड़ानें
दूसरी ओर, स्पाइसजेट ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी के लिए 6 मार्च को 14 विशेष उड़ानों की घोषणा की है। एयरलाइन की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इनमें से 13 उड़ानें फुजैराह से और एक उड़ान दुबई से संचालित की जाएगी।
इन विशेष उड़ानों के तहत फुजैराह से मुंबई के लिए 9 उड़ानें, फुजैराह से दिल्ली के लिए 4 उड़ानें और दुबई से पुणे के लिए 1 उड़ान संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक यात्रियों को सुरक्षित रूप से भारत वापस लाना है।
पिछले तीन दिनों में 25 विशेष उड़ानें
स्पाइसजेट ने पिछले तीन दिनों में संयुक्त अरब अमीरात से 25 विशेष उड़ानें संचालित की हैं। इन उड़ानों के माध्यम से फंसे हुए यात्रियों को दिल्ली, मुंबई और कोच्चि जैसे प्रमुख भारतीय शहरों तक पहुंचाया गया है।
यात्रियों ने यूएई को बताया सुरक्षित
इसी बीच, दुबई से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे कुछ भारतीय यात्रियों ने बताया कि युद्ध के माहौल के बावजूद उन्हें यूएई में असुरक्षित महसूस नहीं हुआ। हालांकि उड़ान रद्द होने के कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा।
कुवैत से लौट रहे एक यात्री राहुल घोष ने बताया कि दुबई में उन्हें जानकारी दी गई कि युद्ध के कारण उनकी उड़ान रद्द कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें वहां किसी तरह का खतरा महसूस नहीं हुआ और स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों की मदद की।