राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी कस्बे में 14 जनवरी की रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब एक गेस्ट हाउस में एक ही परिवार के चार सदस्य मृत पाए गए। मृतकों में माता-पिता, बेटा और बेटी शामिल हैं, जो उत्तराखंड के देहरादून के रायपुर इलाके के रहने वाले थे। परिवार ने 12 जनवरी को राधा-कृष्ण आश्रम धर्मशाला में एक कमरा किराए पर लिया था और 14 जनवरी को चेक आउट करने वाले थे।
कक्ष में मिली चार लाशें
14 जनवरी की शाम जब हाउसकीपिंग स्टाफ का एक सदस्य कमरे में पहुंचा, तो कमरे में कोई गतिविधि नहीं दिखी और न ही किसी ने प्रतिक्रिया दी। स्थिति संदिग्ध जान पड़ने पर स्टाफ ने मैनेजर को सूचित किया। मैनेजर ने कमरे का दरवाजा खोला और अंदर चार शव पड़े पाए। घटना की सूचना मिलने पर बालाजी पुलिस और टोडाभीम थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस की शुरुआती जांच
करोली एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “धर्मशाला के कमरे में परिवार के चार सदस्य मृत पाए गए। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो कमरे का दरवाजा खुला था और दो शव बिस्तर पर तथा दो शव जमीन पर पड़े थे। प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मौत का कारण जहर हो सकता है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के सही कारण का पता चलेगा।”
क्या भूत-प्रेत का मामला है?
यह घटना ऐसी परिस्थितियों में घटी है, जहां लोग भूत-प्रेत या अन्य अज्ञेय कारणों की अटकलें लगा रहे हैं। हालांकि, पुलिस जांच जारी है और यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या यह हत्या, आत्महत्या, या कोई अन्य कारण था।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
इस घटना ने इलाके में सनसनी मचा दी है और अब पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य मामले की गुत्थी को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।