वैश्विक स्तर पर आई नकारात्मक खबरों का असर बुधवार को भारतीय वित्तीय बाजारों पर साफ दिखाई दिया। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के एक नए प्रस्ताव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसके चलते रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, घरेलू शेयर बाजार में भी भारी बिकवाली देखने को मिली और सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी प्रस्ताव ने बढ़ाई बाजार की चिंता
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, बाजार में आई इस कमजोरी की प्रमुख वजह अमेरिका का नया व्यापारिक प्रस्ताव है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने जबरन श्रम (Forced Labor) से जुड़े आयात उल्लंघनों के मामलों में भारत समेत 53 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाने का प्रस्ताव रखा है।
इस खबर के सामने आते ही निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई और बाजार में नकारात्मक माहौल बन गया।
रुपये में ऐतिहासिक गिरावट
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.43 पर खुला। शुरुआती कारोबार के दौरान यह और कमजोर होकर 95.64 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया।
यह पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले 28 पैसे की गिरावट को दर्शाता है। इससे पहले मंगलवार को रुपया 17 पैसे कमजोर होकर 95.36 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
डॉलर इंडेक्स में भी मजबूती
इस बीच, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.03 प्रतिशत बढ़कर 99.24 पर पहुंच गया। डॉलर में आई मजबूती ने भी रुपये पर अतिरिक्त दबाव बनाया।
शेयर बाजार में मची बिकवाली
वैश्विक अनिश्चितताओं का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी पड़ा। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 699.74 अंक टूटकर 73,959.48 अंक पर पहुंच गया।
वहीं, एनएसई निफ्टी 177.40 अंक की गिरावट के साथ 23,302.50 अंक पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में दबाव देखा गया।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 0.82 प्रतिशत चढ़कर 96.79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये के लिए अतिरिक्त चुनौती पैदा कर सकती हैं।
विदेशी निवेशकों ने बढ़ाई बिकवाली
शेयर बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने एक ही दिन में 8,362.92 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की।
विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक व्यापारिक तनाव निकट भविष्य में भारतीय बाजारों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आगे क्या रहेगी बाजार की नजर?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की निगाह अब अमेरिकी व्यापार नीति, वैश्विक आर्थिक संकेतकों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। यदि व्यापारिक तनाव बढ़ता है तो आने वाले दिनों में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।