पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में 2026 के विधानसभा चुनाव ‘रिकॉर्ड बनाने वाले’ साबित हो सकते हैं। इन राज्यों में मतगणना शुरू हो चुकी है, जहां क्षेत्रीय दलों के नेता लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहे हैं और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को चुनौती दे रहे हैं।
इसके अलावा असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी वोटों की गिनती जारी है, जिससे यह एक ही दिन में सबसे ज्यादा चुनावी नतीजों वाला दिन बन सकता है।
ममता बनर्जी: चौथी जीत का मौका
ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव ऐतिहासिक हो सकता है।
2011 में उन्होंने वाम मोर्चे को हराकर सत्ता हासिल की थी।
इसके बाद लगातार तीन चुनाव जीत चुकी हैं।
अगर 2026 में जीतती हैं, तो वह लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी।
यह उपलब्धि उन्हें भारत के किसी बड़े राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बना सकती है, जो लगातार चार चुनाव जीतें।
उनका नाम पहले से शीला दीक्षित और जे जयललिता जैसी नेताओं के साथ जुड़ा है, जिन्होंने तीन-तीन कार्यकाल पूरे किए थे।
विजय: पहली ही बार में बड़ा दांव
तमिलनाडु में अभिनेता-राजनेता विजय पहली बार चुनावी मैदान में हैं।
उनका मुकाबला DMK और AIADMK जैसी मजबूत पार्टियों से है।
अगर उनकी पार्टी पहली बार में ही सत्ता में आती है, तो यह बड़ी उपलब्धि होगी।
पहले भी एम.जी. रामचंद्रन और जे जयललिता जैसे फिल्मी सितारे मुख्यमंत्री बने, लेकिन वे स्थापित दलों से जुड़े थे।
विजय की जीत उन्हें नई पार्टी के जरिए सत्ता में आने वाले दुर्लभ नेताओं में शामिल कर सकती है।
पिनारयी विजयन: परंपरा तोड़ने का मौका
केरल में पिनारयी विजयन के लिए भी यह चुनाव खास है।
राज्य में परंपरागत रूप से हर चुनाव में सत्ता बदलती रही है।
2021 में उन्होंने लगातार दूसरी बार जीतकर इस परंपरा को तोड़ा।
अगर इस बार भी जीतते हैं, तो यह उनकी राजनीतिक विरासत को और मजबूत करेगा और एक नया रिकॉर्ड बनेगा।
ममता बनर्जी, विजय और पिनारयी विजयन—तीनों नेताओं के लिए यह चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि इतिहास रचने का मौका है। यही वजह है कि 2026 के ये चुनाव ‘इलेक्शन ऑफ रिकॉर्ड्स’ बनते नजर आ रहे हैं।