पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन से साफ इनकार कर दिया है। ममता ने दिल्ली और हरियाणा विधानसभा चुनाव में विपक्ष की विफलता के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि टीएमसी पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और दो-तिहाई बहुमत से जीत दर्ज करेगी।
संजय राउत की प्रतिक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टीएमसी ने हमेशा स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा है। हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि चूंकि कांग्रेस INDIA ब्लॉक का बड़ा हिस्सा है, ममता बनर्जी को कांग्रेस के साथ बातचीत जारी रखनी चाहिए।
आप और कांग्रेस पर ममता का हमला
एक मंत्री के अनुसार, ममता बनर्जी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हरियाणा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन नहीं किया, और कांग्रेस ने दिल्ली चुनाव में AAP की मदद नहीं की। ममता ने इसे अस्वीकार्य करार देते हुए कहा कि कांग्रेस का बंगाल में अब कोई अस्तित्व नहीं है।
अंदरूनी कलह पर सख्ती
ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के नेताओं को चेतावनी दी कि वह टीएमसी के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी या अंदरूनी कलह को बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने नेताओं को सतर्क रहने के लिए कहा, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मतदाता सूची में फर्जी नाम शामिल करके चुनाव जीतने की कोशिश कर सकती है।
टीएमसी में अभिषेक बनर्जी की भूमिका
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को लेकर ममता ने पार्टी नेताओं को यह कहकर चौंका दिया कि उनका “कोई परिवार नहीं है।” उनके इस बयान ने अभिषेक की भूमिका को लेकर अटकलों को बढ़ा दिया है।
2026 का लक्ष्य: आत्मनिर्भर टीएमसी
ममता बनर्जी ने अपने विधायकों और मंत्रियों को संदेश दिया कि 2026 का विधानसभा चुनाव टीएमसी अपने दम पर लड़ेगी और बड़ी जीत दर्ज करेगी। उनका यह कदम कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के अन्य दलों के साथ उनके संबंधों पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।