प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेंगलुरु दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। पीएम मोदी के काफिले के तय मार्ग के पास विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। बेंगलुरु दक्षिण (रामनगर) के पुलिस अधीक्षक ने जांच पूरी होने तक सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित रखने का आदेश जारी किया है।
काफिले के रास्ते के पास मिली थीं जिलेटिन की छड़ें
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री के दौरे से पहले नियमित सुरक्षा जांच और तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बेंगलुरु के बाहरी इलाके में फुटपाथ के किनारे जिलेटिन की दो छड़ें बरामद हुईं।
बेंगलुरु के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) ने बताया कि यह स्थान मुख्य कार्यक्रम स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कार्यक्रम में शामिल होना था।
DIG ने कहा कि सुरक्षा जांच के दौरान विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद तुरंत पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक टीम पहुंची मौके पर
जिलेटिन की छड़ें मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक विशेषज्ञों को मौके पर भेजा गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि विस्फोटक सामग्री वहां तक कैसे पहुंची और क्या यह सुरक्षा में सेंध लगाने की कोई साजिश थी।
यह घटना 10 मई को कगालिपुरा के पास एक आश्रम के नजदीक सामने आई थी। यह इलाका प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल के करीब बताया गया है।
जांच पूरी होने तक निलंबन जारी रहेगा
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच पूरी होने तक छह पुलिसकर्मी निलंबित रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच कर रही हैं।
इस घटना ने वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब प्रधानमंत्री का दौरा उच्च सुरक्षा श्रेणी में आता है।
BJP ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
घटना के बाद कर्नाटक BJP अध्यक्ष और विधायक BY Vijayendra ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। विजयेंद्र ने इस घटना को “गंभीर और माफ न किए जाने योग्य सुरक्षा चूक” बताया।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।