महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हुई। सभी की निगाहें सत्तारूढ़ महायुति और सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच कड़े मुकाबले पर टिकी थीं।
शुरुआती रुझान: महायुति ने बनाई बढ़त
शुरुआती रुझानों में एमवीए ने बढ़त बनाई थी, लेकिन धीरे-धीरे महायुति ने बढ़त हासिल कर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 10 बजे तक महायुति ने बहुमत का आंकड़ा छू लिया।
बीजेपी ने शतक लगाने की ओर कदम बढ़ा दिया है और महाराष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है।
यह तीसरी बार है जब महाराष्ट्र की जनता ने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्वीकार किया है।
बीजेपी की लगातार तीसरी जीत: जीत की हैट्रिक
2014 और 2019 के बाद, अब 2024 में बीजेपी ने महाराष्ट्र में जीत की हैट्रिक बना ली है।
2014 में: बीजेपी-शिवसेना ने मिलकर लोकसभा में 48 में से 41 सीटें जीती थीं।
2019 में: बीजेपी ने अकेले 105 सीटें जीतीं और महाराष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी बनी।
2024 में: महायुति की ताकत के साथ बीजेपी फिर सत्ता के करीब है।
सत्ता का हिस्सा नहीं, रिमोट हाथ में रखना था”: उद्धव की रणनीति पर सवाल
बाल ठाकरे की सीख: बाल ठाकरे का मानना था कि शिवसेना को सत्ता में हिस्सा लेने की बजाय, सत्ता का रिमोट अपने हाथ में रखना चाहिए।
उद्धव की भूल: उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद के लिए खुद को आगे बढ़ाने के चक्कर में बीजेपी-शिवसेना का 25 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया।
2019 में नया प्रयोग:
शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महा विकास अघाड़ी सरकार बनाई।
ढाई साल बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बगावत के चलते उद्धव को इस्तीफा देना पड़ा।
महाराष्ट्र में बीजेपी का होगा सीएम?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सीएम का फैसला गठबंधन के दल मिलकर करेंगे।
फडणवीस, महाराष्ट्र बीजेपी के सबसे लोकप्रिय चेहरे माने जाते हैं।
उन्होंने राज्यसभा, विधानपरिषद और गोवा विधानसभा चुनावों में बीजेपी को बड़ी जीत दिलाई है।
दिग्गज नेताओं का प्रदर्शन
देवेंद्र फडणवीस: आगे चल रहे हैं।
अजित पवार (बारामती): बढ़त बनाए हुए हैं।
एकनाथ शिंदे: आगे चल रहे हैं।
आदित्य ठाकरे: भी अपनी सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं।
निष्कर्ष: बीजेपी की बढ़त से बदले समीकरण
महाराष्ट्र चुनावों में महायुति की मजबूत बढ़त और बीजेपी की तीसरी जीत ने राज्य की राजनीति का भविष्य तय कर दिया है। देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की जोड़ी फिर से सत्ता पर काबिज होने के करीब है, जबकि एमवीए को अपने प्रदर्शन पर आत्ममंथन करना होगा।