महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हिंदू एकता के आह्वान के तहत दिया गया नारा ‘बटेंगे तो कटेंगे’ विवादों में आ गया है। विपक्षी नेताओं ने इस नारे की आलोचना करते हुए इसे सांप्रदायिक बताया है, लेकिन महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे सही ठहराया है।
फडणवीस ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के इस नारे में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने देश के इतिहास का हवाला देते हुए कहा, “जब-जब यह देश बटा है, तब-तब हम गुलाम बने हैं। जब-जब यह देश जातियों, राज्यों और समुदायों में बंटा है, तब-तब हम गुलाम हुए हैं। इसलिए अगर हम बांटेंगे, तो कटेंगे। यह इस देश का इतिहास है।”
फडणवीस ने आगे कहा, “अगर कोई कहता है कि बांटो मत, तो इस पर आपत्ति करने का क्या मतलब है?” उनका मानना था कि इस नारे का उद्देश्य देश में एकता को बनाए रखना है, न कि सांप्रदायिक आधार पर बंटवारा करना।
फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आरोप पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर ओबीसी समुदाय को बांटने का आरोप लगाया था। फडणवीस ने कहा, “राहुल गांधी के अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए बयान से उनकी मंशा साफ हो गई है। जब उन्होंने संविधान और आरक्षण पर बयान दिया, तो उनकी मानसिकता उजागर हो गई।”
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में ओबीसी समुदाय में 350 जातियां हैं, और यह देखा जा सकता है कि विपक्ष किस तरह से इन जातियों को बांटने की कोशिश कर रहा है।
फडणवीस का यह बयान आगामी चुनावी परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह महाराष्ट्र चुनाव में हिंदू एकता और ओबीसी समुदाय से जुड़ी भावनाओं को एक नया मोड़ दे सकता है।